अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ब्रिटेन को नॉर्थ सी (उत्तर सागर) में तेल और गैस का उत्पादन तेजी से बढ़ाने का परामर्श दिया है। ट्रंप का मानना है कि इस साहसिक कदम से ब्रिटेन अपनी सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को उबारकर फिर से एक समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। इस दौरान उन्होंने ब्रिटेन की मौजूदा ऊर्जा नीतियों और आव्रजन तंत्र पर भी सवाल उठाए।
ट्रंप ने जानकारी दी कि उन्होंने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के साथ हाल ही में इस विषय पर सार्थक चर्चा की है। अमरीकी राष्ट्रपति के अनुसार, बर्नहैम ने नॉर्थ सी में कच्चे तेल का खनन पुनः शुरू करने के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को भी अपने कार्यकाल के दौरान नॉर्थ सी के प्राकृतिक संसाधनों के समुचित दोहन की बार-बार सलाह दी थी।
ब्रिटेन की आंतरिक स्थितियों पर चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह देश इस समय अवैध आव्रजन और गहराते ऊर्जा संकट की दोहरी चुनौती झेल रहा है। पवन ऊर्जा पर ब्रिटेन की बढ़ती निर्भरता की आलोचना करते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि जहां भी पवन चक्कियों का अत्यधिक जमावड़ा होता है, वहां की अर्थव्यवस्था आमतौर पर संघर्ष करती दिखाई देती है।
अपनी बात के समर्थन में ट्रंप ने नॉर्वे का दृष्टांत प्रस्तुत किया, जिसने नॉर्थ सी के तेल और प्राकृतिक गैस के बुद्धिमत्तापूर्ण दोहन के बल पर अपने संप्रभु संपत्ति कोष (सॉवरेन वेल्थ फंड) में खरबों डॉलर जुटाए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि स्कॉटलैंड के पास नॉर्थ सी का सबसे मूल्यवान हिस्सा मौजूद है, जो दुनिया के सबसे विशाल तेल भंडारों में गिना जाता है। इसके बावजूद ब्रिटेन अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।
ट्रंप ने यह भी साझा किया कि तेल उद्योग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे ब्रिटेन को ड्रिलिंग बढ़ाने की सिफारिश करने का अनुरोध किया था। वहीं आव्रजन के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पूरे यूरोप सहित ब्रिटेन में विभिन्न क्षेत्रों से प्रवासियों का आगमन एक बड़ी समस्या बन चुका है। गौरतलब है कि नॉर्थ सी कई दशकों से यूरोप का एक प्रमुख ऑफशोर ऊर्जा केंद्र रहा है, जो ब्रिटेन और नॉर्वे की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मुख्य भूमिका निभाता रहा है।