अमेरिकी सीनेट की समिति के सामने गवाही देने पहुंचे अमेरिका के पूर्व मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथोनी फाउची ने बुधवार को कोविड-19 महामारी के उद्गम से जुड़े संवेदनशील प्रश्नों पर संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करते हुए उत्तर देने से परहेज किया। सीनेट होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर्स कमेटी की इस कार्यवाही में फाउची ने बार-बार पांचवें संशोधन का शरण लिया, जिसके बाद रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने उन पर अवमानना का प्रस्ताव लाने की चेतावनी दी है।
सुनवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष और रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने आरोप लगाया कि अमेरिकी वित्तीय सहायता के बल पर वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में गेन-ऑफ-फंक्शन तकनीक के माध्यम से खतरनाक शोध आयोजित किए गए थे। उन्होंने कहा कि देश की जनता के सामने महामारी की उत्पत्ति से जुड़े कई मौलिक प्रश्नों के उत्तर आने बाकी हैं। पॉल ने स्पष्ट किया कि कानूनी समन के बाद भी फाउची द्वारा जांच में बाधा उत्पन्न करने के कारण समिति उन्हें कांग्रेस की अवमानना का दोषी ठहराने पर विचार कर रही है।
अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में डॉ. फाउची ने कहा कि वे अतीत में 200 से भी अधिक बार विभिन्न संसदीय समितियों के सामने गवाही दे चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सीनेटर पॉल व्यक्तिगत रूप से उनके खिलाफ अभियोजन चलाने का माहौल बना रहे हैं। फाउची के मुताबिक, इस सुनवाई का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है ताकि उनके मुंह से कोई ऐसा वक्तव्य निकलवाया जा सके जिसका उपयोग बाद में कानूनी कार्यवाही में उनके विरुद्ध ही किया जाए।
कानूनी सलाह का हवाला देते हुए फाउची ने सदन को सूचित किया कि वे संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत स्वयं के विरुद्ध साक्ष्य न देने के नियम का पालन कर रहे हैं। पूरी कार्यवाही के दौरान जब भी उनसे वुहान लैब की फंडिंग, वायरस के लैब से लीक होने की धारणा, सरकारी पत्राचार या सेवानिवृत्ति से पूर्व मिले राष्ट्रपति के क्षमादान पर सवाल पूछे गए, तो उनका एक ही नपा-तुला उत्तर था कि वे अपने कानूनी सलाहकार के निर्देशानुसार पांचवें संशोधन के तहत उत्तर देने से इनकार करते हैं।
सीनेटर पॉल ने अमेरिकी जांच एजेंसियों—एफबीआई, सीआईए और ऊर्जा विभाग—की रिपोर्टों को उद्धृत करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी के प्राकृतिक कारणों की तुलना में किसी प्रयोगशाला से रिसाव होने की संभावना अधिक पुख्ता लगती है। फाउची द्वारा लगातार जानकारी साझा न करने पर पॉल ने स्पष्ट किया कि समिति अगले सप्ताह फाउची के खिलाफ अवमानना प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया शुरू करेगी।
इस सुनवाई के दौरान राजनीतिक मतभेद पूरी तरह सतह पर आ गए। समिति के शीर्ष डेमोक्रेट सदस्य गैरी पीटर्स ने इस पूरी कार्यवाही को केवल एक राजनीतिक स्टंट करार दिया। उनका कहना था कि संसद को पुरानी बहसों में उलझने के बजाय भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। जहाँ डेमोक्रेट्स ने फाउची के दशकों के जन-स्वास्थ्य योगदान का बचाव किया, वहीं रिपब्लिकन पक्ष ने कहा कि फाउची का मौन महामारी के दौर के फैसलों की जवाबदेही तय करने में रोड़ा अटका रहा है।