भारत को वैश्विक पर्यटन हब बनाने की दिशा में कदम: पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

भारत को वैश्विक पर्यटन हब बनाने की दिशा में कदम: पर्यटन मंत्रालय और इंडिगो के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

देश को एक पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने गुरुवार को नई दिल्ली में इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) के साथ एक एमओयू हस्ताक्षरित किया। इस गैर-वित्तीय और रणनीतिक साझेदारी का प्राथमिक लक्ष्य घरेलू व अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करना है।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में इस समझौते का आदान-प्रदान किया गया। इस दौरान पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार, अपर सचिव एवं महानिदेशक (पर्यटन) सुमन बिल्ला और संयुक्त सचिव हरिकिशोर एस सहित मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे। इंडिगो का प्रतिनिधित्व मुख्य डिजिटल एवं सूचना अधिकारी नीतन चोपड़ा तथा क्रिएटिव डायरेक्टर वी. सुनील के साथ-साथ कंपनी के अन्य अधिकारियों ने किया।

समझौते के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से ‘इन्क्रेडिबल इंडिया बाय इंडिगो’ नाम से एक वैश्विक प्रचार अभियान चलाएंगे। इसके माध्यम से भारत की सांस्कृतिक धरोहर, निसर्ग सौंदर्य, वेलनेस व आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वन्यजीवों और विभिन्न अनुभवात्मक गंतव्यों का देश-विदेश में प्रचार किया जाएगा।

इस अभियान का प्रसार डिजिटल मीडिया, प्रिंट विज्ञापनों, एयरपोर्ट ब्रांडिंग, उड़ानों के भीतर उपलब्ध माध्यमों, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनियों के जरिए होगा। पर्यटन मंत्रालय ‘इन्क्रेडिबल इंडिया’ से जुड़ी सामग्री प्रदान करने के साथ-साथ अभियान के निर्बाध संचालन के लिए समन्वय का कार्य संभालेगा।

इंडिगो अपने विस्तृत नेटवर्क और ग्राहक संवाद मंचों के माध्यम से पर्यटन संदेशों को पहुँचाने के लिए विशेष सामग्री निर्मित करेगा। दोनों पक्ष साझा रणनीतियों के तहत पर्यटन स्थलों के प्रचार और संवर्धन गतिविधियों में मिलकर भाग लेंगे, जिससे घरेलू और विदेशी बाजारों में भारत की ब्रांड पहचान और सशक्त होगी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि इंडिगो के विशाल नेटवर्क के साथ ‘इन्क्रेडिबल इंडिया’ का जुड़ाव देश में पर्यटन प्रोत्साहन को नई दिशा देगा। उन्होंने रेखांकित किया कि यह सहयोगात्मक प्रयास भारत के पर्यटन संदेश का दायरा बढ़ाएगा और दुनिया के शीर्ष पर्यटन स्थलों में भारत का स्थान मजबूत करेगा।

यह समझौता शुरुआत में दो साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। यह पहल देश की पर्यटन क्षमता को निखारने, विदेशी पर्यटकों की आवक बढ़ाने और भारत को एक प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में दोनों पक्षों की संयुक्त प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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