कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: लवप्रीत सिंह ने भारोत्तोलन में हासिल किया रजत पदक, महज एक किग्रा के अंतर से चूके स्वर्ण

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: लवप्रीत सिंह ने भारोत्तोलन में हासिल किया रजत पदक, महज एक किग्रा के अंतर से चूके स्वर्ण

भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने गुरुवार देर रात (भारतीय समयानुसार) कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुषों की 110+ किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए रजत पदक जीता। इस रोमांचक मुकाबले में उन्होंने कुल 388 किलोग्राम वजन उठाया और महज एक किलोग्राम के मामूली अंतर से स्वर्ण पदक हासिल करने से रह गए।

इस प्रतियोगिता में न्यूजीलैंड के डेविड लिटी ने कुल 389 किलोग्राम भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, इंग्लैंड के एंड्रयू ग्रिफिथ्स ने 356 किलोग्राम का कुल वजन उठाकर कांस्य पदक प्राप्त किया।

स्पर्धा की शुरुआत में लवप्रीत ने स्नैच दौर में बेहतरीन प्रदर्शन किया और 176 किलोग्राम भार उठाकर शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने अपनी पहली लिफ्ट में 168 किलोग्राम और दूसरी में 173 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। तीसरे प्रयास में 176 किलोग्राम का भार उठाकर उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रतिद्वंद्वी डेविड लिटी पर 10 किलोग्राम की बढ़त बना ली थी।

क्लीन एंड जर्क दौर में लवप्रीत ने पहले प्रयास में 205 किलोग्राम और दूसरे प्रयास में 212 किलोग्राम वजन उठाने में सफलता पाई। हालांकि, अपने अंतिम प्रयास में वे 217 किलोग्राम का भार नहीं उठा सके। दूसरी तरफ, स्नैच में 166 किलोग्राम उठाने वाले डेविड लिटी ने क्लीन एंड जर्क में 223 किलोग्राम भार उठाकर कुल 389 किलोग्राम का आंकड़ा छू लिया और एक किलोग्राम की बढ़त के साथ स्वर्ण पदक कब्जा लिया।

पंजाब के अमृतसर जिले में स्थित बाल सचंदर गांव में 6 सितंबर 1997 को जन्मे लवप्रीत सिंह ने वर्ष 2010 में मात्र 13 वर्ष की आयु में भारोत्तोलन खेल में कदम रखा था। अपने इलाके के खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर स्थानीय प्रशिक्षकों की देखरेख में उन्होंने अभ्यास शुरू किया। आर्थिक तंगियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत जारी रखी और जूनियर तथा सीनियर दोनों स्तरों पर कई सफलताएं अर्जित कीं।

वर्ष 2017 में पंजाब का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने के बाद वे पटियाला स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए। शुरुआती दिनों में 105 किलोग्राम भारवर्ग में हिस्सा लेते हुए उन्होंने जूनियर कॉमनवेल्थ और एशियन जूनियर चैंपियनशिप में पदक जीते। अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (आईडब्ल्यूएफ) द्वारा भार श्रेणियों में बदलाव के बाद वे 109 किलोग्राम वर्ग में आए, जहां उन्होंने 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक और 2022 की राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। अब 2026 के खेलों में रजत पदक जीतकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

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