प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध्र प्रदेश स्थित भोगपुरम में 18,000 करोड़ रुपये मूल्य की कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की आधारशिला रखी और अनेक निर्मित परियोजनाओं को देश को समर्पित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये विकास कार्य बुनियादी ढांचे, सड़क कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाकर आंध्र प्रदेश के तीव्र विकास का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने नए हवाई अड्डे को आंध्र और उत्तर आंध्र के विकास का ‘रनवे’ बताते हुए इसका नाम अमर सेनानी श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखने के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले हवाई अड्डों का नामकरण एक ही परिवार तक सीमित रहता था, जिसे एनडीए सरकार ने बदला है। समारोह के दौरान 13 हजार से अधिक जनजातीय महिलाओं द्वारा प्रस्तुत धीमसा नृत्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक रिकॉर्ड और भारत की समृद्ध विरासत का प्रतीक बताया।
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में आई क्रांति पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश में महज 74 क्रियाशील हवाई अड्डे थे, जिनकी संख्या अब 166 हो गई है। उड़ान योजना ने आम और गरीब नागरिकों के हवाई सफर के सपने को साकार किया है। इसके दूसरे चरण के लिए 29,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने काशी से शुरू हुए स्पोक एयरपोर्ट मॉडल के अमृतसर तक विस्तार का भी उल्लेख किया।
आर्थिक दृष्टिकोण साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि निवेश से मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और रोजगार का चक्र चलता है, जिससे आमदनी में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में एनडीए की डबल इंजन सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए दोगुनी रफ्तार से काम कर रही है।
प्रदेश में कनेक्टिविटी सुधारने हेतु विशाखापट्टनम-रायपुर एक्सप्रेसवे, ब्लू इकोनॉमी का विकास और करीब 1 लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जिसके तहत संपूर्ण रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। अंत में उन्होंने बताया कि आंध्र के युवाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास किया गया है, जो रेल, पोर्ट और एयरलाइंस के तालमेल के साथ राज्य की औद्योगिक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।