प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का वर्चुअल शुभारंभ किया, जिसका भोपाल स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन रिट्रीट सेंटर में सीधा प्रसारण किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नशा-मुक्त और संस्कारवान भारत का निर्माण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह आयोजन दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य तिथि के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारी राजयोग भवन भोपाल द्वारा ’10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा’ अभियान के अंतर्गत किया गया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को हर व्यक्ति को अपने दैनिक आचरण में शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि 10 करोड़ लोग एक-एक परिवार को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का संकल्प लें, तो इससे देश के 50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे और राष्ट्र में बड़ा बदलाव आएगा। उन्होंने ‘मिशन स्पंदन’ को व्यापक संकल्प देकर जन-आंदोलन में बदलने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि यह अभियान ‘विकसित भारत @2047’ के सपने को सच करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
राज्यपाल ने कहा कि समाज के पिछड़े अंचलों और दूरस्थ तबके तक नशा मुक्ति का संदेश पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं में मूल्य-आधारित शिक्षा और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करने के लिए ब्रह्माकुमारी परिवार के नेतृत्व की प्रशंसा की तथा बच्चों को व्यसनों के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने चेताया कि वर्तमान पीढ़ी पर नशे के दुष्प्रभाव तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए शासन-प्रशासन के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग का आगे आना जरूरी है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ और बी.के. गायत्री परिवार के जागरूकता अभियानों के साथ-साथ विगत वर्ष पुलिस विभाग द्वारा संचालित नशा-निवारण अभियान की भी सराहना की।
मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि परिवार में निरंतर संवाद और आध्यात्मिक जुड़ाव ही युवाओं को नशे जैसी बुराई से बचा सकता है। कार्यक्रम के दौरान बी.के. रेखा दीदी ने नशा मुक्ति और आत्मिक जागरूकता पर बल दिया। दीप प्रज्वलन से शुरू हुए इस समारोह में क्षेत्रीय निर्देशिका बी.के. नीता दीदी ने स्वागत भाषण दिया, बी.के. रतना दीदी ने नशा-मुक्त भारत की प्रतिज्ञा दिलाई, बी.के. हेमा दीदी ने राजयोग का अभ्यास कराया और बी.के. राम भाई ने कार्यक्रम का संचालन किया।