भारत द्वारा की जा रही ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता के क्रम में जयपुर में 10वीं ब्रिक्स उद्योग मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक का सफल आयोजन किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अगुवाई में हुई इस वार्ता में ब्रिक्स सदस्य राष्ट्रों के औद्योगिक मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन के दौरान औद्योगिक बदलावों, सौर ऊर्जा (फोटोवोल्टिक), स्टार्टअप्स और लॉजिस्टिक्स में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से संयुक्त घोषणापत्र स्वीकार किया गया।
सम्मेलन का मुख्य एजेंडा ‘सुदृढ़शीलता, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण’ पर आधारित रहा। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर आ रहे औद्योगिक बदलावों के बीच ब्रिक्स देशों के पास आत्मनिर्भरता हासिल करने का बेहतरीन अवसर है। उन्होंने ‘न्यू इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन के लिए ब्रिक्स साझेदारी’ (PartNIR) को इस सहयोग का मुख्य माध्यम बताया। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि समावेशी विकास के लिए मजबूत औद्योगिक ढांचा और आपसी विश्वास अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में कई प्रमुख कार्ययोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें एसएमई वर्किंग ग्रुप के फ्रेमवर्क को अंतिम रूप देना और फोटोवोल्टिक क्षेत्र के लिए स्पष्ट कार्य-निर्देश (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) तय करना शामिल है। नवाचार के क्षेत्र में गति लाने हेतु भारत द्वारा रखे गए ‘ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क’ और ‘ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड’ के सुझावों पर भी प्रगति हुई। इसके अलावा, बेहतर आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित बुनियादी ढांचा और सिटी लॉजिस्टिक्स योजनाओं पर सहमति बनी।
इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज ,7 अगस्त को जयपुर में 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक का आयोजन निर्धारित है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व तथा जितिन प्रसाद और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में होने वाली इस बैठक से पहले 3 और 4 अगस्त को नई दिल्ली में संपर्क समूह (सीजीईटीआई) की तीसरी बैठक संपन्न हो चुकी है। व्यापार मंत्रियों की इस वार्ता में डब्ल्यूटीओ-केंद्रित पारदर्शी व्यापार प्रणाली, एमएसएमई की वैश्विक भागीदारी और ‘विकसित भारत@2047’ के राष्ट्रीय विजन को संबल देने वाले विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। सत्रों के साथ-साथ आमंत्रित प्रतिनिधियों को जयपुर की समृद्ध विरासत से रूबरू कराने के लिए सिटी पैलेस और हवा महल का सांस्कृतिक भ्रमण भी कराया जाएगा।