अमेरिकी जिला अदालत द्वारा सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से जुड़े सभी आपराधिक आरोपों को निरस्त किए जाने के बाद, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की अदालत के इस निर्णय के बाद उन्होंने न्याय प्रणाली के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। यह मामला भारत के प्रमुख उद्योगपति और उनकी कंपनी के अधिकारियों से संबंधित था, जिसमें अब अदालत ने स्थायी राहत प्रदान की है।
अदालत के निर्णय के उपरांत सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी बात रखते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि वे पूरी विनम्रता के साथ इस न्यायिक आदेश का स्वागत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी कठिन प्रक्रिया के दौरान निष्पक्ष जांच, सत्य और विधि के शासन पर उनका विश्वास सदैव बना रहा।
कंपनी प्रमुख ने कठिन समय में समर्थन देने वालों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि वे उन सभी लोगों के आभारी हैं जिन्होंने इस पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान उनकी संस्था, न्याय प्रणाली और भारत की न्याय दिलाने की सामर्थ्य पर अपना भरोसा बनाए रखा।
न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत ने अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के साथ हुए नागरिक मामले के निपटारे को भी मंजूरी दी है। इस समझौते के तहत अदाणी समूह अमेरिकी प्रशासन को 1.8 करोड़ डॉलर (18 मिलियन डॉलर) की राशि का भुगतान करेगा, जिसके साथ ही सिविल प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़ी कार्यवाही समाप्त हो जाएगी।
आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए चेयरमैन ने दोहराया कि इस घटनाक्रम से उनकी व्यावसायिक प्राथमिकताओं में कोई बदलाव नहीं आएगा। समूह राष्ट्र निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास में अपनी सहभागिता पूर्ववत जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि उनका ध्येय दीर्घकालिक मूल्यों का निर्माण करना और देश के समग्र विकास में योगदान देना है।
उल्लेखनीय है कि पिछले माह अमेरिकी न्याय विभाग ने न्यायालय में प्रस्तुत अपने दस्तावेजों में स्वीकार किया था कि इस मामले से जुड़े किसी भी निवेशक को कोई वित्तीय क्षति नहीं हुई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, निवेशकों को आर्थिक नुकसान न होने का यह तथ्य आपराधिक आरोपों की प्रासंगिकता को समाप्त करता है और मामले को कमजोर करता है। अदालत में दाखिल विवरण के मुताबिक, संबंधित वित्तीय साधनों में निवेश करने वाले किसी भी पक्ष का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है तथा सभी देयताओं का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है।