सेंसेक्स और निफ्टी में सीमित दायरा, कच्चे तेल की घटती कीमतों से मिली राहत

सेंसेक्स और निफ्टी में सीमित दायरा, कच्चे तेल की घटती कीमतों से मिली राहत

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत मिला-जुला रुख दर्शाती हुई दिखी। शुरुआती मिनटों में जहां सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, वहीं निफ्टी में हल्का खिंचाव दर्ज किया गया। सुबह के सत्र में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 145.56 अंक (0.19%) मजबूत होकर 78,111.91 पर खुला, जबकि निफ्टी 4.35 अंक (0.02%) की हल्की गिरावट के साथ 24,431.60 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

बाजार में आज विभिन्न क्षेत्रों का प्रदर्शन असमान रहा। मीडिया और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में लिवाली का जोर रहा, जिससे वे क्रमशः 0.61 प्रतिशत और 0.39 प्रतिशत तक ऊपर चढ़े। इसके विपरीत, रियल्टी और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सूचकांकों में मुनाफावसूली का असर दिखा और वे क्रमशः 0.81 प्रतिशत तथा 0.69 प्रतिशत गिर गए। बैंकिंग सेक्टर—विशेष रूप से पीएसयू और प्राइवेट बैंक—के साथ-साथ तेल एवं गैस कंपनियों के शेयरों में भी 0.61 प्रतिशत तक का नुकसान देखा गया।

भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे में मजबूती और स्थानीय निवेशकों द्वारा लगातार किया जा रहा निवेश बाजार के निचले स्तरों को संभाले हुए है। हाल के दिनों में सामने आए जीएसटी कलेक्शन, फ्रेट मूवमेंट, ऑटो डिलीवरी और क्रेडिट ग्रोथ के आंकड़े स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि देश की आंतरिक आर्थिक गतिविधियां सही दिशा में हैं।

बाजार के जानकारों का मानना है कि घरेलू मजबूती के बावजूद ऊर्जा लागत में अनिश्चितता निकट अवधि में सूचकांकों की चाल को सीमित कर सकती है। इसलिए आने वाले सत्रों में वैश्विक तेल बाजार का रुख भारतीय इक्विटी के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक का काम करेगा।

वैश्विक मोर्चे पर देखें तो कच्चे तेल के दामों में आई गिरावट ने बाजार की चिंताओं को कम करने का काम किया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर 87.75 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.64 प्रतिशत फिसलकर 81.90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। कच्चे तेल में आई इस नरमी से कंपनियों के परिचालन खर्च और महंगाई पर पड़ने वाले दबाव में कमी आने की उम्मीद जगी है।

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