4 अगस्त को फुकेत से नई दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के एयरबस A320neo विमान (उड़ान संख्या AI2379) में गंभीर तकनीकी खराबी आने का मामला सामने आया है। उड़ान के दौरान तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम के अचानक प्रभावित होने से विमान करीब 300 फीट नीचे गिर गया, जिसके चलते कम से कम 24 यात्री और क्रू सदस्य चोटिल हो गए। उस समय विमान में 137 यात्रियों और 8 क्रू सदस्यों सहित कुल 145 लोग सवार थे।
एयरबस द्वारा विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) के शुरुआती विश्लेषण से पता चला है कि इस दौरान करीब चार सेकंड के लिए मुख्य कंट्रोल सरफेस ने सामान्य रूप से काम करना बंद कर दिया था। विमान की ऊपर-नीचे की गति (पिच) को नियंत्रित करने वाले ‘एलिवेटर्स’ और दाएं-बाएं झुकाव (रोल) को संभालने वाले ‘एलेरॉन्स’ से हाइड्रोलिक नियंत्रण हट गया था। इस तकनीकी समस्या ने विमान के स्पॉयलर्स की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित किया। डेटा के अनुसार, हाइड्रोलिक दबाव न होने के कारण ये नियंत्रण सतहें चार सेकंड तक पायलट के किसी भी कमांड के बिना ही अपनी तय स्थिति से हटती रहीं।
तकनीकी व्यवधान के चलते विमान का ऑटोपायलट अपने आप बंद (डिस्कनेक्ट) हो गया। उस समय विमान में स्टॉल की चेतावनी मिलने की आशंका के बीच विमान का संचालन कर रहे को-पायलट ने साइड-स्टिक को आगे की दिशा में दबाया। हालांकि, हाइड्रोलिक शक्ति उपलब्ध न होने के कारण पायलट द्वारा दिए गए इनपुट से विमान का अगला हिस्सा (नोज) तुरंत नीचे नहीं झुक सका।
कुछ सेकंड के भीतर जैसे ही हाइड्रोलिक सिस्टम ने दोबारा काम करना शुरू किया, पायलट का दिया गया कमांड अचानक प्रभावी हो गया। इसके परिणामस्वरूप विमान तेजी से नीचे की तरफ झुका, जिससे केबिन में मौजूद कई यात्री और क्रू सदस्य झटके के कारण ऊपर की ओर उछल गए और घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद मामले की गहन जांच के लिए विमान का विस्तृत फ्लाइट डेटा टूलूज (फ्रांस) स्थित एयरबस के ‘AIRTAC’ तकनीकी सहायता केंद्र भेजा गया, जहां से यह प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की गई है।
इसी बीच, एयर इंडिया ने 13 अगस्त से अपने सभी समूह पायलटों के लिए अनिवार्य ड्रग स्क्रीनिंग की प्रक्रिया शुरू की है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान AI2379 के पायलट-इन-कमांड का कन्फर्मेटरी टेस्ट मारिजुआना के लिए पॉजिटिव पाया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इस टेस्ट परिणाम और विमान में आई तकनीकी खराबी के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। मामले के तकनीकी पहलुओं और कारणों की विस्तृत जांच अभी जारी है।