कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता के बाद बाजार सुधारों पर जोर, प्रस्तावित कोल एक्सचेंज से बदलेगा ट्रेडिंग ढांचा

कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता के बाद बाजार सुधारों पर जोर, प्रस्तावित कोल एक्सचेंज से बदलेगा ट्रेडिंग ढांचा

‘ग्लोबल कमोडिटी कॉन्क्लेव 2026’ को शुक्रवार को संबोधित करते हुए कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने जानकारी दी कि वर्ष 2030 तक भारत की वार्षिक कोयला मांग 1.6 अरब टन के स्तर तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश में अब कोयले की किल्लत समाप्त हो चुकी है और आपूर्ति सरप्लस की स्थिति में है, इसलिए ईंधन व्यापार को आधुनिक, दक्ष और बाजार आधारित स्वरूप देना समय की मांग है।

घरेलू आपूर्ति स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने उल्लेख किया कि भारत ने वर्ष 2024-25 में पहली बार 1 अरब टन से अधिक कोयला उत्पादन दर्ज किया था। उत्पादन का यह उत्कृष्ट स्तर 2025-26 में भी निरंतर बना रहा। लगातार दो वर्षों तक एक अरब टन से अधिक उत्पादन यह दर्शाता है कि देश का ऊर्जा क्षेत्र निर्बाध आपूर्ति के मामले में पूरी तरह सक्षम और आत्मनिर्भर हो रहा है।

बाजार में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकार अब पारंपारिक बिक्री मॉडल के स्थान पर एक साझा कोयला एक्सचेंज तैयार कर रही है। इस ‘मेनी-टू-मेनी’ ट्रेडिंग व्यवस्था के अंतर्गत खरीदार और विक्रेता पारदर्शी तरीके से बोलियां लगा सकेंगे, जिससे वास्तविक बाजार परिस्थितियों के अनुसार उचित दरें तय होंगी। इससे अलग-अलग बिक्री प्रक्रियाओं को एक ही मानक प्रणाली के तहत लाया जा सकेगा।

प्रस्तावित एक्सचेंज से वाणिज्यिक व कैप्टिव खदान मालिकों को सीधे बड़े उपभोक्ता वर्ग तक पहुंच मिलेगी, वहीं खरीदारों को भी किसी एकल सप्लायर पर आश्रित रहने के बजाय कई उत्पादकों से खरीद का विकल्प मिलेगा। क्लियरिंग व सेटलमेंट के लिए सेंट्रल काउंटर पार्टी व्यवस्था लागू होने से वित्तीय जोखिमों में कमी आएगी और कम समय की ईंधन मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

कोयला सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि यह एक्सचेंज आगे चलकर डेरिवेटिव्स कारोबार का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे हितधारक कीमतों के जोखिमों को नियंत्रित कर सकेंगे। आने वाले समय में इस ढांचे को जमीन पर उतारने के लिए सरकार बाजार अवसंरचना संस्थाओं, नियामकों, वित्तीय मध्यस्थों और संबंधित उद्योगों के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि निजी निवेश को बढ़ावा देकर एक पारदर्शी और सुदृढ़ कोयला तंत्र का निर्माण किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *