सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, कठुआ और रियासी जिलों में संदिग्ध गतिविधियों के इनपुट सामने आने के बाद मंगलवार को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान आरंभ किया। इसी बीच, एनएसजी के छह साल के नर लैब्राडोर श्वान ‘डॉनी’ को वर्ष 2025 के लाल किला विस्फोट के बाद राहत व जांच कार्रवाई में उत्कृष्ट सेवा देने के उपलक्ष्य में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सेना प्रमुख के प्रशंसा पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार की देर रात उधमपुर के तालोट गांव में दो अज्ञात संदिग्धों ने प्रकाश चंद नामक व्यक्ति के आवास पर दस्तक देकर खाना मांगा। दोनों व्यक्तियों ने शॉल ओढ़ रखी थी। परिजनों द्वारा अंदर से कोई जवाब न दिए जाने पर वे खुबन की दिशा में आगे बढ़ गए, जिसके पश्चात परिवार ने तत्काल सुरक्षा तंत्र को इसकी जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दस्ते ने इलाके को घेरकर गहन छानबीन शुरू कर दी। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हालिया सूचनाओं के मद्देनजर रियासी के सदिनी जंगलों तथा कठुआ के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे ग्रामीण इलाकों में भी सघन कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
उधर, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की के-9 शाखा में फरवरी 2022 से कार्यरत डॉनी को रक्षा मंत्रालय के 14 अगस्त के आदेशानुसार इस प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान के लिए चयनित किया गया है। एनएसजी के अनुसार, डॉनी को उसकी कार्यकुशलता, अभियानगत विश्वसनीयता और तकनीकी निपुणता के आधार पर यह सम्मान दिया जा रहा है।
एनएसजी ने सोमवार को जारी बयान में रेखांकित किया कि 10 नवंबर 2025 को 17वीं शताब्दी के लाल किले के निकट हुए वाहन-आधारित आईईडी धमाके में 15 नागरिकों की मृत्यु हुई थी तथा अनेक लोग घायल हुए थे। डॉनी को 10-11 नवंबर 2025 को घटना स्थल से बारूद हटाने और क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए ग्राउंड पर उतारा गया था।
अभियान के अगले चरण में, 12 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद अंतर्गत खंदावली गांव में लाल किला हमले से संबंधित एक संदिग्ध वाहन बरामद हुआ था। डॉनी ने उस वाहन की सूंघकर जांच की और उसमें विस्फोटक तत्वों की मौजूदगी की पुष्टि की थी।