विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हालिया घटनाक्रमों पर भारत का रुख साझा करते हुए बताया कि देश पश्चिम एशिया के बदलते समीकरणों, उच्चायोग से जुड़े प्रशासनिक कदमों और पड़ोसी राष्ट्रों के साथ संबंधों पर पूरी सतर्कता बरत रहा है। प्रवक्ता ने बांग्लादेश द्वारा त्रिपक्षीय रक्षा समझौते में रुचि दिखाने से लेकर सेना प्रमुख की नेपाल यात्रा तक विभिन्न विषयों पर आधिकारिक बयान जारी किया।
हाल ही में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के मध्य एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौता हुआ है, जिसमें अब बांग्लादेश ने भी सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र में विकसित हो रही हर परिस्थिति और सामरिक बदलाव की निरंतर निगरानी कर रहा है।
नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर 20 अगस्त को की गई कार्रवाई पर प्रवक्ता ने बताया कि यह एक जवाबी कदम था। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के सामने से पार्किंग का हवाला देते हुए कुछ संरचनाएं हटाई थीं, जिसे रोकने के भारत के आग्रह को अनसुना कर दिया गया था। इसी के प्रत्युत्तर में भारत ने भी पाकिस्तानी उच्चायोग के निकट स्थित अस्थायी ढांचे, ट्रैफिक बोलार्ड और सुरक्षा बैरिकेड्स हटाए।
सेना प्रमुख के नेपाल दौरे की चर्चा करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा दोनों राष्ट्रों के लिए अत्यंत सफल रही। वहां उन्हें मानद जनरल का पद दिया जाना दोनों देशों और दोनों सेनाओं के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाता है। अग्निपथ योजना के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका तकनीकी विवरण रक्षा मंत्रालय द्वारा दिया जा सकता है, किंतु सेना प्रमुख की इस यात्रा ने दोनों पक्षों के रक्षा सहयोग को नई मजबूती दी है।
वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय नाविकों के संदर्भ में विदेश मंत्रालय ने कहा कि नाविकों की सुरक्षा और उनका हित सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। प्रवक्ता ने आश्वस्त किया कि भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी समस्या या विषय को संबंधित प्राधिकरणों के सामने मजबूती और गंभीरता से उठाया जाता है।