इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर केंद्र सतर्क: जेपी नड्डा ने दिल्ली सरकार के साथ की तैयारियों की समीक्षा

इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर केंद्र सतर्क: जेपी नड्डा ने दिल्ली सरकार के साथ की तैयारियों की समीक्षा

देश में एच1एन1 इन्फ्लूएंजा के प्रसार को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक कर देश की स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा की। बैठक का प्राथमिक फोकस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति पर रहा। इस दौरान दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे, जहां मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मुहैया कराने और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को नियंत्रित करने की रणनीति पर विमर्श हुआ।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 12 अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के 1,449 मामले दर्ज हो चुके हैं, जो पिछले साल इसी अवधि के 229 मामलों के मुकाबले छह गुना से अधिक हैं। इसके अलावा राजधानी में इन्फ्लूएंजा बी (यामागाता) के भी 184 मामले सामने आए हैं। वर्ष 2019 के दौरान दिल्ली में एच1एन1 के कुल 3,637 मामले और 31 मौतें दर्ज की गई थीं।

संक्रमण से निपटने के कदमों पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि सफदरजंग अस्पताल, आरएमएल अस्पताल और दिल्ली सरकार के अन्य अस्पतालों में विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों का समुचित इलाज चल रहा है तथा दवाओं, बिस्तरों और वेंटिलेटर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

इन्फ्लूएंजा ‘ए’ वायरस का यह रूप श्वसन तंत्र पर सीधा असर डालता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, सिर व बदन दर्द, कमजोरी, पसीना और कंपकंपी शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सामान्यतः यह संक्रमण खुद ही ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मरीजों में वायरल निमोनिया, द्वितीयक जीवाणु निमोनिया या पहले से मौजूद फेफड़ों व दिल की बीमारियों के बिगड़ने का खतरा रहता है। विशेषज्ञों ने सांस फूलने, लगातार सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, निर्जलीकरण या भ्रम की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की हिदायत दी है।

इसी क्रम में, स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव (नीति) के नेतृत्व में एक अलग बैठक आयोजित कर पीएम-एबीएचआईएम और 15वें वित्त आयोग स्वास्थ्य अनुदान के तहत जारी विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड सहित पुडुचेरी, लक्षद्वीप, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव में योजनाओं की अद्यतन स्थिति परखी गई। मंत्रालय ने सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्वीकृत स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण कार्य को गति देने और उन्हें निर्धारित समय सीमा में चालू करने का आह्वान किया।

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