प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बफर स्टॉक से आपूर्ति शुरू, 35 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगा प्याज

प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बफर स्टॉक से आपूर्ति शुरू, 35 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगा प्याज

आगामी त्योहारों के दौरान प्याज की सुलभ उपलब्धता बनाए रखने और मौसमी मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से नियंत्रित एवं लक्षित आपूर्ति शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं को राहत देने के मकसद से सरकार ने नेफेड, एनसीसीएफ, केंद्रीय भंडार और सफल के खुदरा तंत्र के माध्यम से 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर प्याज की बिक्री की व्यवस्था की है। इसके साथ ही रेल और सड़क मार्ग के हाइब्रिड मॉडल का उपयोग करते हुए प्रमुख शहरों तक प्याज पहुंचाने का काम शुरू हो गया है।

लॉजिस्टिक्स को गति देने के लिए नासिक से नई दिल्ली के लिए पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ मालगाड़ी रवाना कर दी गई है, जो दिल्ली-एनसीआर की जरूरतों को पूरा करेगी। इसके अतिरिक्त कोलकाता, चेन्नई, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, एर्नाकुलम, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे बड़े उपभोग केंद्रों तक सड़क मार्ग से प्याज भेजा जा रहा है। रेल परिवहन के जरिए प्याज पहुंचाने में ‘कांदा एक्सप्रेस’ काफी प्रभावी रही है; वर्ष 2024-25 में 14 रेल रेक के माध्यम से लगभग 12,000 मीट्रिक टन प्याज 5 शहरों में भेजा गया था, जबकि 2025-26 में इसका विस्तार कर 86 रेक से करीब 88,000 मीट्रिक टन प्याज 16 शहरों तक पहुंचाया गया।

खुदरा वितरण को प्रभावी बनाने के लिए एनसीसीएफ 9 आउटलेट और 40 मोबाइल वैन, नेफेड 13 आउटलेट और 50 मोबाइल वैन तथा केंद्रीय भंडार अपने लगभग 100 केंद्रों के जरिए प्याज बेचेगा। मांग और मूल्य प्रवृत्तियों के आधार पर इस वितरण नेटवर्क का दायरा आगे और बढ़ाया जाएगा। भंडारण और परिचालन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 में पहली बार केंद्रीय भंडारण निगम (सीडब्ल्यूसी) को मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) बफर के लिए भंडारण एजेंसी बनाया गया है। यह व्यवस्था ओणम, गणेश चतुर्थी, दुर्गा पूजा, दशहरा, दिवाली और विवाह सीजन के दौरान मांग बढ़ने से पैदा होने वाले दबाव को संतुलित करने के लिए की गई है।

घरेलू बाजार में आपूर्ति की स्थिति अनुकूल बनी हुई है। वर्ष 2025-26 में प्याज उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 307.67 लाख मीट्रिक टन के लगभग बराबर है। मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 2 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज खरीद लक्ष्य में से 15 मई 2026 से अब तक लगभग 1.21 लाख मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। मजबूत घरेलू मांग के साथ निर्यात भी जारी है; चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जून 2026 के दौरान मलेशिया, श्रीलंका, यूएई और नेपाल को करीब 3.82 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात किया गया।

उपभोक्ता मामले विभाग देशभर के 579 केंद्रों पर प्याज समेत 41 जरूरी वस्तुओं की कीमतों और आवक पर दैनिक नजर रख रहा है। 26 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य में टमाटर 38.33 रुपये, आलू 22.63 रुपये, चना दाल 86.71 रुपये, आटा 40.48 रुपये, तूर दाल 123.30 रुपये, प्याज 37.87 रुपये प्रति किलो और दूध 60.82 रुपये प्रति लीटर रहा। इनमें टमाटर, आलू और चना दाल के भाव पिछले साल की तुलना में कम हैं। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाते हुए उपभोक्ताओं को वाजिब दामों पर वस्तुएं उपलब्ध कराना है।

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