शुक्रवार को घरेलू इक्विटी बाजारों ने सकारात्मक रुख के साथ कारोबार समाप्त किया, जिसमें मुख्य भूमिका इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) सेक्टर की मजबूत लिवाली की रही। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 330.92 अंक या 0.43 प्रतिशत सुधरकर 77,264.51 पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 में 84.80 अंक या 0.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई और यह 24,175.65 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में आई इस तेजी का मुख्य केंद्र आईटी क्षेत्र रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाने में कामयाब रहा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी कंपनी एनवीडिया के मजबूत तिमाही वित्तीय आंकड़ों और उत्साहजनक रेवेन्यू गाइडेंस के बाद टेक सेक्टर में खरीदारी लौटी, जिसने एआई खर्च के प्रति वैश्विक निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूती प्रदान की।
निफ्टी के शीर्ष गेनर्स की सूची में टीसीएस, विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे प्रमुख आईटी शेयर आगे रहे, जबकि गैर-आईटी क्षेत्र से बजाज ऑटो ने भी बढ़त दिखाई। प्रमुख टेक कंपनियों में आए इस उछाल ने बाजार के अन्य क्षेत्रों में दिखी कमजोरी के असर को काफी हद तक बेअसर कर दिया।
क्षेत्रीय सूचकांकों के स्तर पर प्रदर्शन पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। बाजार के कई प्रमुख सेक्टर्स बिकवाली के दबाव में रहे, जिनमें निफ्टी एफएमसीजी 0.68 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.53 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.44 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 0.27 प्रतिशत फिसल गए। इसी प्रकार निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 0.14 प्रतिशत की सुस्ती देखी गई।
वैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। जापान (निक्केई 225 में 0.27% की बढ़त), सिंगापुर (स्ट्रेट्स टाइम्स में 0.28% की बढ़त) और ताइवान (वेटेड में 0.77% की बढ़त) के सूचकांक हरे निशान में रहे। इसके विपरीत दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 1.82 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज हुई और हांगकांग का हैंग सेंग 0.01 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
आगे के लिए बाजार सहभागियों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श के वक्तव्य पर टिकी हुई हैं। उनके रुख से वैश्विक महंगाई के स्तर और ब्याज दरों के आगामी चक्र को लेकर स्पष्टता मिलने की संभावना है, जो घरेलू बाजार के रुझान को भी प्रभावित कर सकता है।
कमोडिटी कारोबार में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें 0.36 प्रतिशत घटकर करीब 88 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज की गईं, जो अभी भी ऊंचा स्तर माना जा रहा है। कीमती धातुओं के बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,59,400 रुपये प्रति 10 ग्राम तथा चांदी 2,43,366 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही।