प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो दिवसीय राजकीय यात्रा के तहत शनिवार को ताशकंद पहुंचे, जहां उन्होंने यंगी उज्बेकिस्तान पार्क जाकर देश के समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय भावना को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव भी उनके साथ उपस्थित रहे। दोनों शीर्ष नेताओं ने पार्क परिसर में उज्बेक संस्कृति और ऐतिहासिक गौरव को दर्शाने वाली विभिन्न कलाकृतियों का अवलोकन भी किया।
ताशकंद हवाई अड्डे पर आगमन के दौरान राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने स्वयं उपस्थित रहकर भारतीय प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया। इस आत्मीय स्वागत के लिए आभार प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उल्लेख किया कि यह उज्बेकिस्तान की उनकी चौथी यात्रा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निरंतरता दोनों देशों के आपसी संबंधों की मजबूती और साझेदारी की तीव्र गति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच ऐतिहासिक और पारंपरिक रूप से प्रगाढ़ मित्रता को और अधिक सुदृढ़ बनाती है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की आधिकारिक वार्ता निर्धारित है, जिसका मुख्य उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को व्यापक विस्तार देना है।
आगामी चर्चाओं में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित रहेगा। उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में दोनों राष्ट्रों के द्विपक्षीय संबंधों में अभूतपूर्व प्रगति देखी गई है।
प्रधानमंत्री ने अपनी वार्ता के एजेंडे को स्पष्ट करते हुए कहा कि दोनों पक्ष ‘विकसित भारत 2047’ और ‘यंगी उज्बेकिस्तान’ के साझा विकासात्मक लक्ष्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम स्थापित करने तथा रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।