केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने आगामी वित्त वर्ष 2027-28 के आम बजट की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू करते हुए विस्तृत बजट परिपत्र जारी कर दिया है। इसके तहत सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को आगामी 6 अक्टूबर 2026 तक अपने वित्तीय प्रस्ताव और आंकड़े भेजने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद 12 अक्टूबर 2026 से पूर्व-बजट परामर्श बैठकें प्रारंभ होंगी।
जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, संबंधित विभागों को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए संशोधित अनुमान और वित्त वर्ष 2027-28 के लिए बजट अनुमान तैयार करने होंगे। पूर्व-बजट वार्ताओं को सुगम और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी मंत्रालयों से उनकी चालू परियोजनाओं, योजनाओं और आगामी वित्तीय प्राथमिकताओं का पूरा आकलन तय समय सीमा के भीतर मांगा गया है।
आगामी आम बजट की रूपरेखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने की संभावना है। सरकार उन व्यय प्रस्तावों को प्रमुखता देगी जो देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, रोजगार निर्माण, डिजिटल बदलाव और सामाजिक प्रगति के लक्ष्यों को गति प्रदान करते हों।
वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि बजट अनुमान तैयार करते समय वित्तीय आकलन पूरी तरह सटीक और यथार्थवादी होना चाहिए। साथ ही, वित्तीय वर्ष के दौरान अतिरिक्त संसाधनों की मांग कम से कम रखने पर बल दिया गया है, जिससे सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में वित्तीय अनुशासन बना रहे। परिपत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत योजनाओं के लिए ही वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित किए जाएं।
सभी मंत्रालयों और विभागों को अपनी विस्तृत अनुदान मांगें ‘यूनियन बजट इन्फॉर्मेशन सिस्टम’ (यूबीआईएस) के माध्यम से ही दर्ज करनी होंगी। वित्त मंत्रालय ने बजट से संबंधित समस्त जानकारियों की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए वित्तीय सलाहकारों को पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों और दस्तावेजों की सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।