मंत्रालय में मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ की प्रगति तथा 332 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘बालाघाट विकास परियोजना’ का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।
मुख्य सचिव ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत सुदूर जिलों का प्रत्यक्ष भ्रमण करें और आम जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान कराएं। सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधे दूरभाष पर चर्चा करें। उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि वे समस्याओं के मूल कारणों की पड़ताल कर उनका स्थायी समाधान निकालें। इसके साथ ही, भारत सरकार से प्राप्त पत्रों के उत्तर अनिवार्य रूप से 15 दिनों की समय-सीमा में भेजने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन और लोकसेवा गारंटी की प्रगति रिपोर्ट भी रखी गई। इस दौरान अवगत कराया गया कि हेल्पलाइन में दर्ज 80 प्रतिशत शिकायतों का समाधान शिकायतकर्ताओं की पूर्ण संतुष्टि के उपरांत कराया जा चुका है, जबकि बाकी मामलों पर प्रक्रिया चल रही है। सीएम हेल्पलाइन में प्रतिदिन लगभग 55 हजार कॉल आते हैं, जिनमें शिकायतों की संख्या करीब 15 हजार होती है। वहीं, लोकसेवा गारंटी अभियान के तहत अब तक 8 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। बैठक में जन-विश्वास पोर्टल और प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी के साथ आगामी मुख्य सचिव सम्मेलन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने प्रमुख जनहितैषी योजनाओं की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया। इसमें राजस्व विभाग से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के प्रकरणों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना और खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग से राशन कार्ड एवं खाद्यान्न उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग की लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी तथा प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, स्वास्थ्य विभाग की प्रसूति सहायता योजना और ऊर्जा विभाग से विद्युत आपूर्ति की वस्तुस्थिति की जानकारी ली गई।
332 करोड़ रुपये की बालाघाट विकास परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने सभी संबंधित निर्माण कार्यों को तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान ऊर्जा, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, जल संसाधन, जनजातीय कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, आयुष और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विमर्श हुआ। अंत में, विभागीय समीक्षा पर आधारित ‘मंथन’ और कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस की रूपरेखा तय करने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।