जानिए देश में मौसम का हाल

जानिए देश में मौसम का हाल

कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी से ठंड ने दी दस्तक, उत्तर और मध्य भारत के 6 राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

देश के मौसम में शनिवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में इस सीजन का पहला हिमपात दर्ज किया गया, वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड में मानसूनी बारिश और उफनती नदियों ने गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से समय से पहले सर्दी के आगमन के संकेत मिल रहे हैं, जबकि मैदानी भागों में नदियों के खतरे के निशान पार करने से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और कई जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।

घाटी में गुलमर्ग के सनशाइन पीक और बांदीपोरा जिले की तुलैल घाटी स्थित काओबल गली में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। इस मौसमी बदलाव के चलते पर्वतीय चोटियों और आसपास की घाटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है, जिसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शीतकाल के शुरुआती संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

मैदानी राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में मानसूनी तंत्र एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के 22 जिलों में यलो अलर्ट जारी करते हुए अगले पांच दिनों तक वर्षा का सिलसिला बने रहने का पूर्वानुमान जताया है। गंगा और यमुना समेत 10 से अधिक नदियों के उफान पर होने से सूबे के 26 जिलों में बाढ़ के हालात हैं, जिससे लगभग 3.53 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मुरादाबाद के मुंढापांडे क्षेत्र में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से सड़कें डूब गई हैं और लोग नावों से आवागमन को विवश हैं। वाराणसी के कई निचले इलाके भी जलमग्न हैं, जहां की स्थिति की समीक्षा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी शाम 5 बजे शहर का दौरा कर सकते हैं।

पड़ोसी राज्य बिहार में भी जलप्रलय का संकट गहरा गया है। यहां के 18 जिलों में बाढ़ का पानी घुसने से 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हो चुके हैं और 9 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राजधानी पटना में गंगा नदी अपने अब तक के उच्चतम जलस्तर (हाइएस्ट फ्लड लेवल) को पार कर सकती है। वहीं, पिछले 24 घंटों में पुनपुन नदी का जलस्तर 28 सेमी बढ़ा है और यह श्रीपालपुर में लाल निशान से 2.57 मीटर ऊपर बह रही है।

मध्य प्रदेश में ग्वालियर-चंबल अंचल में शनिवार से दो दिनों तक मजबूत सिस्टम प्रभावी रहेगा। प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी के बीच शिवपुरी और मुरैना समेत 7 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। श्योपुर के विजयपुर में क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से मुख्य पुल डूब गया और बस्तियों में पानी भरने के कारण कई घरों को खाली कराया गया है।

अन्य राज्यों में, राजस्थान के धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में शनिवार को भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट तथा 24 जिलों में यलो अलर्ट है। राजधानी जयपुर में शुक्रवार सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश से तापमान 7 डिग्री तक गिर गया है, जबकि झालावाड़ में स्कूल बंद रखे गए हैं। हरियाणा के 15 जिलों में मूसलाधार बारिश का यलो अलर्ट जारी है, जहां शुक्रवार को 7 जिलों में तेज पानी गिरा था और पंचकूला में सर्वाधिक 99 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, उत्तराखंड के 8 जिलों में भारी बारिश के अलर्ट के बीच हरिद्वार, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत में 5 सितंबर को शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित की गई।

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