बीजापुर के सुदूर वन क्षेत्रों में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ की 199वीं बटालियन ने एक सुनियोजित कार्रवाई में नक्सलियों द्वारा छिपाए गए 14 महत्वपूर्ण डंप बरामद किए हैं। सटीक सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने संवेदनशील क्षेत्रों में उतरकर माओवादियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
अभियान का संचालन कमांडेंट आनंद कुमार के निर्देशन और उप कमांडेंट दर्शन यादव के नेतृत्व में किया गया। इसमें बी/199, एफ/199 कंपनी तथा यंग प्लाटून के जवानों ने संयुक्त भागीदारी निभाई। जवानों ने पीडिया एवं कुप्पागुड़ा इलाके के एड्री, हर्रा, नयापारा और सरपंचपारा के बीहड़ जंगलों को चारों तरफ से घेरकर सघन सर्चिंग की।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सलियों के सुरक्षित ठिकानों से कुल 99 प्रकार की सामग्रियां मिलीं। हथियारों के जखीरे में एक 303 बोल्ट एक्शन रायफल, पांच भरमार रायफल और एक देशी 12 बोर रायफल बरामद हुई। इसके साथ ही 10 नग आईईडी, 8 डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, संचार हेतु वायरलेस सेट, प्लास्टिक और स्टील के डिब्बे, आईईडी निर्माण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जे तथा नक्सली पोशाकें जब्त की गईं।
पूरा अभियान अत्यधिक सावधानी के साथ चलाया गया, जिसके चलते किसी भी जवान या नागरिक को कोई क्षति नहीं पहुंची। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की इस तरह की निरंतर मौजूदगी से माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है और अंदरूनी इलाकों के निवासियों में प्रशासनिक सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।
उल्लेखनीय है कि इस कार्रवाई से ठीक पहले जिले के पेगडापल्ली जंगल से भी पुलिस ने विस्फोटक बरामद किए थे। 29 अगस्त को पेगडापल्ली क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान पुलिस टीम ने 39 वर्षीय बोगम लखमू को घेराबंदी कर दबोचा था। आरोपी ने स्वीकार किया था कि वह प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के चिन्नागेलूर डीएकेएमएस का सदस्य है और संगठन के लिए असलहा व विस्फोटक ठिकाने लगाने का काम करता है।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास से 50,050 रुपये की नकदी, एक बीजीएल लांचर, 18 बीजीएल सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, 303 के 15 जिंदा राउंड, 31 बीजीएल कार्ट्रिज, इंसास की एक खाली मैगजीन, इलेक्ट्रिक वायर, तीन राउंड चार्जर और एक ईमीटर लीड बरामद की थी।