केंद्र सरकार ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को घोषित किया आतंकी संगठन, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को घोषित किया आतंकी संगठन, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन)’ पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने इस समूह को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी संगठन के रूप में अधिसूचित किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस फैसले की आधिकारिक पुष्टि की।

केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त न करने (जीरो टॉलरेंस) के संकल्प को साकार करते हुए मंत्रालय ने यह कठोर कार्रवाई की है। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह गिरोह सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों एवं मादक पदार्थों के अवैध व्यापार में सक्रिय रूप से लिप्त रहा है। इसके साथ ही, यह गिरोह देश के युवाओं और छोटे-मोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकी गतिविधियों में धकेलने का काम कर रहा था।

मंत्रालय की पड़ताल में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने के लिए डिजिटल मंचों पर नफरत फैलाने वाली सामग्री प्रसारित कर रहा था। गृह मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला यूएपीए (1967) के प्रावधानों के अंतर्गत लिया गया है। इस कानून की पहली अनुसूची में पहले से 45 आतंकी संगठन दर्ज हैं, जिसमें अब 46वें स्थान पर ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ को शामिल कर लिया गया है।

आधिकारिक अधिसूचना में रेखांकित किया गया है कि संगठन का मुख्य मकसद स्थानीय अपराधियों और युवाओं का दुरुपयोग कर सीमा पार से तस्करी को बढ़ावा देना तथा देश के सौहार्द व सुरक्षा ढांचे को आघात पहुंचाना है। इस समूह से जुड़े लोगों के खिलाफ देश के कई राज्यों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह सिंडिकेट कमजोर वर्ग के युवाओं को लालच देकर उन्हें राष्ट्रविरोधी कार्यों की ओर मोड़ता है और अन्य प्रतिबंधित गुटों के साथ मिलकर साजिशों के लिए संसाधन जुटाता है।

केंद्र सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि यह संगठन डिजिटल प्रचार के जरिए हिंसा भड़काने और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास करता रहा है। सरकार के पास पुख्ता आधार हैं कि यह नेटवर्क आतंकवाद में सीधे तौर पर भागीदार है और भारत में विभिन्न आतंकी कृत्यों से जुड़ा रहा है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर यूएपीए की धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (क) के वैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए यह प्रतिबंध लागू किया गया है।

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