इजरायल द्वारा पिछले महीने अधिकृत वेस्ट बैंक के ई1 भूभाग में 1,234 नए आवास तैयार करने के लिए बोलियां मंगाए जाने के बाद वैश्विक कूटनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। बुधवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस विकास कार्य को खारिज करते हुए अपनी गंभीर असहमति व्यक्त की। स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय सांसदों के समक्ष वार्षिक ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण देते हुए उन्होंने बल दिया कि दोनों पक्षों के लिए अलग राष्ट्र के विकल्प को बचाए रखना यूरोपीय संघ की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
यह विवादित भूभाग पूर्वी यरुशलम और वहां से सात किलोमीटर पूर्व की ओर बसी माले अदुमीम बस्ती के बीच स्थित है। मीडिया संस्थान अल जजीरा के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत कुल मिलाकर 3,400 घर बनाए जाने हैं। जानकारों और आलोचकों का मानना है कि वेस्ट बैंक के उत्तरी व दक्षिणी हिस्सों के केंद्र में इस प्रकार की सघन बस्तियां बसने से फिलिस्तीनियों की स्वतंत्र आवाजाही में भारी अवरोध पैदा होगा और उनका भौगोलिक जुड़ाव टूट जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अधिकृत फिलिस्तीनी जमीन पर इस प्रकार के निर्माण को अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ मानता है। इसके विपरीत, तेल अवीव इस अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्याख्या को नकारते हुए वेस्ट बैंक को ‘जूडिया एंड सामरिया’ का नाम देता है। इस पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने पूर्व में कहा था कि ई1 योजना कब्जे को औपचारिक रूप देने का एक गंभीर और नियम-विरुद्ध प्रयास है। यूएन महासचिव ने भी दोहराया है कि यह निर्माण अंतरराष्ट्रीय नियमों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के विपरीत जाता है।
ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखें तो ‘ईस्ट 1’ यानी ई1 का खाका 1991 में प्रधानमंत्री यित्जाक शमीर के दौर में तैयार हुआ था, जिसे 1994 में प्रधानमंत्री यित्जाक राबिन ने गति दी थी। अमेरिकी और यूरोपीय दबाव के चलते बस्तियों का निर्माण बार-बार रुकता रहा, हालांकि 2004 में बुनियादी विकास के नाम पर वहां सड़कें व एक पुलिस मुख्यालय बना दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय आपत्तियों, विशेषकर अमेरिका के कड़े रुख के बाद 2022 में भी इस प्रक्रिया को रोकना पड़ा था।
इजरायली सरकार के भीतर रक्षा मामलों में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच, जो वेस्ट बैंक मामलों की निगरानी करते हैं, इस परियोजना को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखते हैं। 2025 में उन्होंने कहा था कि इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलना फिलिस्तीनी राज्य के विचार पर विराम लगाने जैसा है। मार्च 2025 में 33.5 करोड़ शेकेल (लगभग 9.2 करोड़ डॉलर) की लागत से ‘सॉवरेन्टी रोड’ मंजूर की गई, ताकि फिलिस्तीनी आवागमन को इस बस्ती क्षेत्र से दूर रखा जा सके। इसके क्रम में मई 2026 में अल-इजारिया इलाके में लगभग 50 फिलिस्तीनी दुकानों को तोड़ दिया गया।
यह कदम वेस्ट बैंक पर पूर्ण नियंत्रण साधने की लंबी रणनीति का हिस्सा है, जिसकी एक कड़ी के तौर पर फरवरी 2026 में सुरक्षा कैबिनेट ने अधिकार क्षेत्र बढ़ाने को मंजूरी दी थी। राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 1,234 इकाइयों के टेंडर भरने की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर निर्धारित की गई है, जिसके ठीक आठ दिन बाद यानी 27 अक्टूबर को इजरायल में आम चुनाव होने हैं।