सऊदी अरब के मक्का के समीप ड्रोन हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर

सऊदी अरब के मक्का के समीप ड्रोन हमले की भारत ने की कड़ी निंदा, नागरिकों की सुरक्षा पर दिया जोर

सऊदी अरब के मुकद्दस नगर मक्का के निकटवर्ती इलाके में हुए ड्रोन हमले की घटना पर भारत सरकार ने बुधवार को कड़ा रुख अपनाते हुए गहरी चिंता जाहिर की है। नई दिल्ली ने इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच पश्चिमी एशिया में जल्द से जल्द अमन और स्थिरता कायम होने की अपेक्षा जताई है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान के जरिए भारत का पक्ष रखते हुए कहा कि मक्का पूरी दुनिया के मुसलमानों की गहरी आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके समीप घटित ऐसी कोई भी घटना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी देश की क्षेत्रीय संप्रभुता पर चोट पहुंचाने और आम नागरिकों के जीवन व सार्वजनिक संपत्तियों को खतरे में डालने वाले हर कदम की पुरजोर मुखालफत करता है। प्रवक्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि इलाके में शांति की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ेगी।

दरअसल, मंगलवार की शाम हूती विद्रोहियों ने मक्का के नो-फ्लाई जोन की ओर एक सशस्त्र ड्रोन रवाना किया था, जिसे सऊदी अरब के सुरक्षा तंत्र ने समय रहते हवा में ही नष्ट कर दिया। यमन में कानूनी शासन की बहाली के लिए बने सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया कि शाम तकरीबन 6:50 बजे रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने तत्परता दिखाते हुए मक्का के दक्षिणी छोर पर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया।

सैन्य प्रवक्ता ने उल्लेख किया कि इस ऐतिहासिक पवित्र शहर को निशाना बनाने का ऐसा ही एक हमला 27 जुलाई 2017 को बैलिस्टिक मिसाइल से भी किया जा चुका है। उन्होंने वर्तमान हमले को करोड़ों आस्थावानों की धार्मिक भावनाओं पर आघात करने और वहां मौजूद उमराह जायरीनों में खौफ का माहौल बनाने की सोची-समझी साजिश बताया।

मेजर जनरल अल-मालिकी ने दृढ़ता से कहा कि दोनों पवित्र मस्जिदों और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों का संरक्षण गठबंधन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता और अंतिम सीमा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हूती विद्रोहियों के ऐसे किसी भी आक्रामक कदम का मुंहतोड़ जवाब देने और उनकी कार्रवाइयों को निष्प्रभावी करने के लिए गठबंधन बल हर मुमकिन और सख्त कार्रवाई करेंगे।

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