पीपीपी के पैमाने पर भारत 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, तीसरे पायदान पर: पीयूष गोयल

पीपीपी के पैमाने पर भारत 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, तीसरे पायदान पर: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि क्रय शक्ति समता (पीपीपी) के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और इस पैमाने पर भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अब 30 ट्रिलियन डॉलर के वृहद आर्थिक लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 13वें ‘पीएएफआई एनुअल फोरम 2026’ को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक ऐसी आर्थिक शक्ति के रूप में वैश्विक व्यापारिक साझेदारियों की रूपरेखा तैयार कर रहा है, जिसके भविष्य में 30 ट्रिलियन डॉलर तक विस्तार की पूरी उम्मीद है। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में पीपीपी और बाजार विनिमय दर के आंकड़ों में जो अंतर दिखता है, देश के निरंतर विकास के साथ वह फासला धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा।

वाणिज्य मंत्री के अनुसार, भारत की व्यापारिक रणनीतियां देश की उभरती आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजारों के साथ सुदृढ़ जुड़ाव की मंशा को दर्शाती हैं। उन्होंने बताया कि उत्पादों और सेवाओं के साथ-साथ छात्रों, पर्यटकों और अन्य लोगों की आवाजाही को सरल बनाने के लिए व्यापक आर्थिक समझौतों पर बल दिया जा रहा है। इस कड़ी में भारत वर्तमान में कनाडा, चिली, पेरू, मैक्सिको, मालदीव, रूस, इजराइल, यूरेशिया, मध्य एशिया, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) तथा सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन (एसएसीयू) के साथ व्यापार वार्ताएं कर रहा है, ताकि वैश्विक आपूर्ति व वैल्यू चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ सके।

तकनीकी आत्मनिर्भरता पर चर्चा करते हुए पीयूष गोयल ने अनुमान जताया कि आगामी पांच वर्षों के भीतर भारत में सेमीकंडक्टर की सालाना मांग 150 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी। इसके मद्देनजर उन्होंने देश में चिप निर्माण, डिजाइनिंग, पैकेजिंग और टेस्टिंग का घरेलू तंत्र विकसित करने पर विशेष बल दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार, विशेषकर लार्ज लैंग्वेज मॉडल और एजेंटिक मॉडल जैसी उन्नत तकनीकों में घरेलू क्षमताएं बढ़ाने तथा स्टार्टअप्स को डीप-टेक क्षेत्र में प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।

देश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 120 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। साथ ही, निजी क्षेत्र के माध्यम से अंतरिक्ष में रॉकेट प्रक्षेपित करने वाला भारत विश्व का तीसरा देश बना है। केंद्रीय मंत्री ने देश की युवा शक्ति पर भरोसा जताते हुए कहा कि आज के युवा वैश्विक अवसरों से भलीभांति परिचित हैं और देश के आर्थिक व तकनीकी विकास में उनकी भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण साबित होगी।

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