भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स 96 अंक सुधरा और निफ्टी 23,084 पर खुला

भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड के दबाव के बीच शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स 96 अंक सुधरा और निफ्टी 23,084 पर खुला

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार की सुबह बेहद सीमित दायरे में कारोबार की शुरुआत हुई, जहां प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त के साथ हरे निशान में खुले। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल में आई तेजी और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक अस्थिरता ने निवेशकों की धारणा पर दबाव बनाए रखा।

सवेरे 9:24 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 96 अंक यानी 0.13 प्रतिशत के सुधार के साथ 73,676 के स्तर पर पहुंच गया। इसी दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 20 अंक अथवा 0.09 प्रतिशत चढ़कर 23,084 के स्तर पर दर्ज किया गया। मुख्य सूचकांकों की तरह व्यापक बाजार (ब्रॉड-कैप) में भी संतुलित रुख रहा; निफ्टी मिडकैप 100 में 0.03 प्रतिशत की हल्की मजबूती देखी गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.06 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

एनएसई के सेक्टोरल सूचकांकों में मिलाजुला रुझान देखने को मिला। आईटी, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर बिकवाली के दबाव में रहे। विशेष रूप से निफ्टी आईटी 1.37 प्रतिशत टूटकर सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला सेक्टर साबित हुआ। इसके विपरीत, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.59 प्रतिशत की मजबूती हासिल कर लाभ दर्ज करने वाले सेक्टर्स में शीर्ष पर रहा।

वैश्विक मोर्चे पर आर्थिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। अमेरिका की 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.20 प्रतिशत के स्तर को पार कर कई वर्षों के उच्चतम स्तर के पास टिकी हुई है। बॉन्ड प्रतिफल में इस उछाल से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है और उभरते बाजारों की इक्विटी का सापेक्ष आकर्षण कम हो रहा है। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताओं पर कोई स्पष्ट प्रगति न होने से भू-राजनीतिक जोखिम बने हुए हैं। नए सिरे से बढ़े तनाव और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों से जुड़े संभावित खतरों के कारण वैश्विक निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं।

तकनीकी स्तरों पर नजर डालें तो पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी 1.64 प्रतिशत का गोता लगाकर 23,063 पर बंद हुआ था। बाजार के जानकारों के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,800 से 23,000 का दायरा तात्कालिक समर्थन (सपोर्ट) का काम करेगा, जबकि 23,250 से 23,300 के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देखा जा रहा है। वहीं बैंक निफ्टी, जो बीते सत्र में 1.96 प्रतिशत टूटकर 55,438 पर सिमटा था, उसके लिए 55,000-55,200 का सपोर्ट और 55,800-56,000 का रेजिस्टेंस स्तर चिह्नित है।

विदेशी बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले। गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में नरमी रही, जहां नैस्डैक 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त पर रहा, लेकिन एसएंडपी 500 में 0.02 प्रतिशत और डॉव जोन्स में 0.31 प्रतिशत की गिरावट आई। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई इंडेक्स 1.04 प्रतिशत और शेनझेन 2.34 प्रतिशत फिसला, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 1.77 प्रतिशत टूटा। इसके विपरीत जापान का निक्केई 1.23 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.9 प्रतिशत चढ़ा। वहीं संस्थागत निवेश के मोर्चे पर, 24 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5,027 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 4,301 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

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