मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में लंबे समय से प्रतीक्षित सरकारी बस सेवा के पुनः प्रारंभ होने पर प्रदेश की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस नई शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार ने नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी बात साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनकी सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर जनता को ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ और ‘पीएम ई-बस सेवा’ के रूप में एक बड़ी सौगात दी गई है। 25 सितंबर की यह तारीख दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के जीवन में सुलभ आवागमन के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने की एक ऐतिहासिक शुरुआत बन गई है।
ग्रामीण परिवहन की पुरानी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले बीस वर्षों से सरकारी बसों का परिचालन बंद होने की वजह से ग्रामीण इलाकों में आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई थी। इसके कारण कई दूरस्थ गांव मुख्य सड़क नेटवर्क से लगभग कट चुके थे, जिससे ग्रामीण आबादी—विशेषकर गरीबों, किसानों और विद्यार्थियों—को दैनिक यात्रा के लिए बेहद सीमित और असुविधाजनक साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकारी बसों का परिचालन दोबारा शुरू करना उनकी सरकार के संकल्प पत्र का प्रमुख हिस्सा था। गत शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के साथ मिलकर इस योजना की आधिकारिक शुरुआत की गई और चुनाव पूर्व किए गए संकल्प को जमीन पर उतार दिया गया।
भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए डॉ. यादव ने जानकारी दी कि शुक्रवार को पूरे प्रदेश में 1,500 बसों के साथ इस सेवा का श्रीगणेश किया गया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2029 तक इस बेड़े को बढ़ाकर 15,000 बसों तक पहुंचाने का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को निर्बाध व सहज बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।