केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आगामी 3 अक्टूबर 2026 को नए आपराधिक कानूनों पर केंद्रित एक विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे। इस महत्वपूर्ण आयोजन की रूपरेखा और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में डीआईजी साकेत प्रकाश पांडे, डीजीपी के पीएसओ डॉ. विनीत कपूर, सीआईडी डीआईजी प्रशांत खरे, एफएसएल निदेशक राहुल कुमार लोढ़ा, संयुक्त निदेशक तथा जेल, अभियोजन, स्वास्थ्य और पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने सौंपे गए दायित्वों की समीक्षा की।
इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य आम जनता को नए कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना और अपराध की सूचना मिलने से लेकर अदालत से न्याय मिलने तक के पूरे घटनाक्रम को अत्यंत सहज और व्यावहारिक ढंग से समझाना है। प्रदर्शनी के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभाग अपनी कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीकों, नए प्रयोगों और विभागीय सफलताओं को जनता के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
प्रदर्शनी में आपराधिक मामलों के निपटारे की चरणबद्ध प्रक्रिया को दिखाया जाएगा। इसमें डायल-112 या थाने में शिकायत दर्ज होने, मौके पर पुलिस व एफएसएल दल के पहुंचने, वैज्ञानिक तरीकों से सबूत जुटाने और थाने की जांच प्रक्रिया को शामिल किया गया है। इसके अलावा सीसीटीएनएस, डिजिटल मालखाना प्रणाली, अदालती प्रक्रिया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी और उच्च न्यायालय में अपील दायर करने तक के सभी चरणों को सिलसिलेवार ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा।
नागरिकों को यह समझाने पर विशेष बल दिया जाएगा कि नए कानूनों के अमल में आने के बाद न्याय प्रणाली में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों की क्या भूमिका है। इसके लिए डिजिटल स्क्रीन, वीडियो, मॉडल और पोस्टरों का सहारा लिया जाएगा। साथ ही साइबर अपराध की रोकथाम, फोरेंसिक जांच और उन्नत पुलिसिंग के तौर-तरीकों को भी जनता के सामने रखा जाएगा।
इसके साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस की उपलब्धियों, जैसे नक्सल विरोधी अभियान, साइबर जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां और ‘नशे से दूरी है जरूरी’ व ‘सेफ क्लिक’ जैसे जनहितकारी अभियानों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन स्थल पर प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थलों, वन संपदा, पारंपरिक कला और जनजातीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
लगभग पांच दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने, आवश्यक प्रचार सामग्री जुटाने और प्रदर्शनी तैयार करने वाली एजेंसी के साथ बेहतर तालमेल बनाकर तय समय में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।