गुजरात सरकार ने फ्लाईदुबई एयरलाइंस के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को इस सम्मान के साथ ही उन्हें 25 लाख रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि देने की भी आधिकारिक घोषणा की। दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान सह-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले में लहूलुहान होने के बाद भी कैप्टन ने सूझबूझ का परिचय दिया, जिसके फलस्वरूप 27 बच्चों सहित कुल 174 यात्रियों को सकुशल बचा लिया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित के पराक्रम को आज समूचा विश्व नमन कर रहा है। उनका यह कार्य अत्यंत प्रेरणादायक और वंदनीय है। उन्होंने रेखांकित किया कि गुजरात की धरती से ताल्लुक रखने वाले कैप्टन मछार ने अपने इस अप्रतिम शौर्य से राज्य के साथ-साथ पूरे राष्ट्र का मस्तक गर्व से ऊंचा किया है। राज्य सरकार उनके इस मानवीय और साहसिक योगदान को नमन करते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से नवाजेगी। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों की ओर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
राज्य के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के इस कदम की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गंभीर चोटें आने के उपरांत भी कैप्टन ने जिस धैर्य और वीरता का परिचय देकर 174 बहुमूल्य जीवन सुरक्षित किए, वह अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि गुजरात अपने इस वीर सपूत के पराक्रम पर गर्व महसूस करता है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने भी 25 लाख रुपये के नकद पारितोषिक के फैसले की तस्दीक की है।
यह शासकीय घोषणा उस सनसनीखेज घटनाक्रम के ठीक अगले दिन सामने आई है, जब फ्लाईदुबई के विमान संख्या FZ1073 (बोइंग 737 मैक्स 8) ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। हवा में सफर के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मछार पर हमला कर दिया, जिससे अनियंत्रित होकर विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन ने किसी तरह कॉकपिट का द्वार खोल दिया, जिससे केबिन क्रू और यात्री फौरन भीतर पहुंचे और हमलावर सह-पायलट को दबोच लिया। इसके बाद दो यात्रियों के सहयोग से विमान की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई।
इस हैरतअंगेज घटना की वैश्विक स्तर पर गूंज सुनाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैप्टन मछार के परिजनों से फोन पर वार्ता कर उनके अद्वितीय शौर्य की सराहना की और उन्हें सच्चा ‘नायक’ करार दिया। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने भी उनकी तत्परता की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
व्यावसायिक विमानन क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का कार्यानुभव और करीब 9,750 उड़ान घंटों का रिकॉर्ड रखने वाले कैप्टन मछार पूर्व में 11 साल तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे थे और जून 2022 में वे फ्लाईदुबई का हिस्सा बने। वर्तमान में सऊदी अरब में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। उधर, कॉकपिट में हुई इस हिंसक घटना और सह-पायलट के इरादों को लेकर जांच एजेंसियां पड़ताल में जुटी हैं, जबकि विमानन कंपनी फ्लाईदुबई ने भी फ्लाइट डेक में विवाद होने की बात स्वीकारते हुए विस्तृत जांच जारी रहने की पुष्टि की है।