रियाद हवाई अड्डे पर घातक हमले की यूरोपीय संघ सहित वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा, 12 लोगों की मौत

रियाद हवाई अड्डे पर घातक हमले की यूरोपीय संघ सहित वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा, 12 लोगों की मौत

सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए भीषण हमले की यूरोपीय संघ (ईयू) सहित कई वैश्विक शक्तियों ने कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। ईयू नेतृत्व ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए क्षेत्र में शांति बहाली और हिंसा को तुरंत रोके जाने की पुरजोर वकालत की है।

यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस घटना के लिए ईरान समर्थित समूहों को उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छद्म गुटों द्वारा किए जा रहे ऐसे हमले पूरे पश्चिम एशिया को अशांति की ओर धकेल रहे हैं। वॉन डेर लेयेन के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय परिवहन और ऊर्जा केंद्र प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले जानलेवा कदम तुरंत थामे जाने चाहिए और इस मुश्किल वक्त में यूरोपीय संघ पूरी तरह सऊदी अरब के समर्थन में खड़ा है।

वहीं, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने इस हमले को आतंकवाद की एक खौफनाक वारदात बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि आम जनता और गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए जाने वाले अंधाधुंध हमलों का कोई भी औचित्य नहीं हो सकता। कल्लास ने यह भी जानकारी दी कि वह अपने सऊदी समकक्ष के निरंतर संपर्क में हैं। इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर में ईयू के नौसैनिक मिशन और रियाद की अगुवाई वाले समुद्री गठबंधन के मध्य साझा समन्वय को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

संयुक्त राष्ट्र में यमन मामलों के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने नागरिक हवाई अड्डों पर हमलों को तनाव को खतरनाक स्तर तक ले जाने वाला कदम करार दिया। उन्होंने चिंता जताई कि ऐसे कृत्यों से क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ती है, हिंसा का दायरा बढ़ता है और यमन में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिशों को गहरा आघात पहुंचता है।

इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की व्यापक प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को बेहद भयावह बताते हुए कहा कि वह सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से शीघ्र ही बातचीत करेंगे। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया। इसके साथ ही भारत ने भी सऊदी अरब के प्रति एकजुटता प्रकट करते हुए स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं तथा हिंसा के इस सिलसिले पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *