पीएम गतिशक्ति के पांच वर्ष पूरे: 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की हुई समीक्षा

पीएम गतिशक्ति के पांच वर्ष पूरे: 20.23 लाख करोड़ रुपये की 421 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की हुई समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अक्टूबर 2021 में शुरू किए गए ‘पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ ने अपने सफल क्रियान्वयन के पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवधि के दौरान देश में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के एकीकृत नियोजन और तेज क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत डिजिटल तंत्र स्थापित किया गया है। इसी रूपरेखा के तहत गठित नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) ने अब तक 20.23 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 421 महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया है।

इस राष्ट्रीय मास्टर प्लान को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अंतर्गत भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान द्वारा पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है। डिजिटल मंच पर 58 केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के साथ-साथ सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 1,800 से अधिक डेटा लेयर्स को एक साथ जोड़ा गया है। योजना के सुचारू संचालन के लिए 65 से अधिक सॉफ्टवेयर मॉड्यूल व टूल्स और 100 से ज्यादा मोबाइल व वेब ऐप्लिकेशन विकसित किए गए हैं, जिससे डेटा-आधारित त्वरित निर्णय लेना और अंतर-विभागीय समन्वय संभव हुआ है।

मूल्यांकन प्रक्रिया में नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप ने अंतिम छोर तक पहुंच, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, विभिन्न परिवहन साधनों के आपसी जुड़ाव और परिचालन लागत में कमी लाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। पारंपरिक बुनियादी ढांचे से आगे बढ़कर अब इस पहल का विस्तार सामाजिक क्षेत्र और जिला स्तर तक कर दिया गया है। जिला मास्टर प्लान के जरिए स्थानीय आवश्यकताओं जैसे कि स्कूल, अस्पताल, सड़क और पेयजल पाइपलाइन परियोजनाओं को समग्र विकास प्राथमिकताओं से जोड़ा जा रहा है।

सितंबर 2025 में यूनिफाइड जियोस्पेशियल इंटरफेस के माध्यम से पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई, जिससे आम नागरिकों और निजी क्षेत्र को भी चुनिंदा डेटा विश्लेषण की सुविधा मिलने लगी है। वर्ष 2021-22 में बुनियादी ढांचा तैयार करने से शुरू होकर यह पहल लगातार विस्तृत हुई। वर्ष 2022-23 में आठ प्रमुख मंत्रालयों की 71 परियोजनाओं, 2023-24 में 1,463 डेटा लेयर्स के साथ सामाजिक क्षेत्र के एकीकरण और 2024-25 में आर्थिक क्षेत्रों व जिला मास्टर प्लान को शामिल करते हुए 121 परियोजनाओं का मूल्यांकन हुआ। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 तक 352 परियोजनाओं की समीक्षा पूरी हो चुकी थी, जो अब बढ़कर 421 तक पहुंच गई है।

परिवहन व्यवस्था को दीर्घकालिक और टिकाऊ मजबूती देने के उद्देश्य से सरकार ने ‘एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्राधिकरण’ गठित करने का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण विभिन्न यातायात माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल, अनुसंधान, निगरानी और लॉजिस्टिक्स खर्च को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। विकसित भारत 2047 के व्यापक लक्ष्यों से जुड़ी यह पहल देश में एक आधुनिक, दक्ष और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स तंत्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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