‘ईरान को सहायता पहुंचाई तो होगा बड़ा नुकसान’, चीन और रूस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख

‘ईरान को सहायता पहुंचाई तो होगा बड़ा नुकसान’, चीन और रूस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर वामपंथी खेमे की टिप्पणियों को खारिज करते हुए रूस और चीन को ईरान का साथ देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ‘ट्रुथ सोशल’ पर अपने विचार साझा करते हुए ट्रंप ने कहा कि मॉस्को और बीजिंग के हित काफी व्यापक हैं और वे तेहरान की मदद करके बड़ा नुकसान उठाने का खतरा मोल नहीं ले सकते।

ट्रंप ने कहा कि वामपंथियों द्वारा चीन और रूस की ओर से ईरान को सहयोग मिलने की बातें पूरी तरह अतिशयोक्तिपूर्ण हैं। यदि दोनों देश किसी स्तर पर मदद कर भी रहे हैं, तो उसका दायरा अत्यंत सीमित होगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि उन्हें ऐसी किसी मदद पर भरोसा नहीं है, क्योंकि अमेरिकी खुफिया तंत्र बेहद सक्रिय है और ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी देश को तुरंत हासिल हो जाती।

अमेरिकी सैन्य वापसी के सवाल पर रुख स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के परमाणु हथियार न बनाने की ठोस गारंटी मिल जाए, तो अमेरिकी सेनाएं फौरन वहां से हट सकती हैं। उन्होंने कहा कि संघर्ष समाप्ति की ओर है और अमेरिका केवल यह पक्का करना चाहता है कि भविष्य में ईरान के हाथ में परमाणु ताकत न आए, जिसे हासिल करने के लिए वाशिंगटन प्रतिबद्ध है।

बीते रविवार को संघर्ष की स्थिति की समीक्षा करते हुए ट्रंप ने रेखांकित किया था कि अमेरिकी बलों को इस मोर्चे पर सात माह बीत चुके हैं। इसे पूर्ववर्ती वियतनाम और अफगानिस्तान युद्धों के संदर्भ में रखते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह अमेरिका के प्रभाव में है। होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नौसैनिक टुकड़ियों की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि ईरान का रडार नेटवर्क, नौसैनिक बेड़ा और हवाई क्षमता पूरी तरह निष्प्रभावी हो चुके हैं, साथ ही उनके सर्वोच्च नेताओं को भी समाप्त कर दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *