देश के प्रत्यक्ष कर राजस्व में उछाल, 14 अक्टूबर तक शुद्ध संग्रह 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

देश के प्रत्यक्ष कर राजस्व में उछाल, 14 अक्टूबर तक शुद्ध संग्रह 13.38 लाख करोड़ रुपये पहुंचा

आयकर विभाग ने गुरुवार को जानकारी दी कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 अक्टूबर तक भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13.21 प्रतिशत बढ़कर 13.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है। विभाग के मुताबिक राजस्व में यह बढ़त कॉरपोरेट टैक्स, गैर-कॉरपोरेट करों और शेयर बाजार के लेन-देन पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) की मजबूत आवक के कारण दर्ज की गई है।

रिफंड समायोजित करने से पहले के कुल यानी सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी 14.89 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 13.95 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 16.03 लाख करोड़ रुपये हो गया। कर वापसी की प्रक्रिया में भी तेजी आई है, जहां विभाग द्वारा जारी कुल रिफंड 24.22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.65 लाख करोड़ रुपये दर्ज हुआ, जो गत वर्ष इसी अवधि में 2.13 लाख करोड़ रुपये था।

श्रेणीवार राजस्व की बात करें तो शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह 4.97 लाख करोड़ रुपये से सुधरकर 5.99 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसी तरह गैर-कॉरपोरेट श्रेणी, जिसमें व्यक्तिगत करदाताओं और अन्य संबंधित संस्थाओं का कर शामिल है, का शुद्ध संग्रह 6.54 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 6.92 लाख करोड़ रुपये रहा।

शेयर बाजार से जुड़े सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) के शुद्ध संग्रह में भी जोरदार बढ़त दर्ज की गई और यह पूर्व वर्ष के 30,901.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,840.43 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, अन्य करों की मद में शुद्ध संग्रह घटकर माइनस 1.64 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 282.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

सकल स्तर पर कॉरपोरेट टैक्स का आंकड़ा 6.44 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.53 लाख करोड़ रुपये और गैर-कॉरपोरेट कर संग्रह 7.20 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 8.03 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं सकल एसटीटी संग्रह भी पिछले वर्ष के 30,901.81 करोड़ रुपये से बढ़कर 46,840.43 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। इसके विपरीत, अन्य करों का सकल संग्रह पूर्व वर्ष के 301.22 करोड़ रुपये से कम होकर 18.87 करोड़ रुपये पर आ गया।

आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस प्रत्यक्ष कर संग्रह में कॉर्पोरेट्स के अतिरिक्त आम नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), व्यावसायिक फर्में, व्यक्तियों के संघ (AOP), बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI), स्थानीय प्राधिकरण और सभी कृत्रिम न्यायिक निकाय शामिल हैं।

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