आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रसार के लिए राष्ट्रीय नवाचार चुनौती शुरू, नौ स्टार्टअप्स को मिली आरंभिक पूंजी

आयुर्वेद में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रसार के लिए राष्ट्रीय नवाचार चुनौती शुरू, नौ स्टार्टअप्स को मिली आरंभिक पूंजी

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) के इनक्यूबेशन केंद्र AIIA-iCAINE ने अपने छठे स्थापना दिवस के अवसर पर आयुर्वेद में आधुनिक तकनीक के समावेश के उद्देश्य से ‘आयुषटेक इनोवेट: नेशनल ओपन आयुर्वेद AI चैलेंज’ की शुरुआत की। इस दौरान क्षेत्र में बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के संरक्षण के लिए एक नई सुविधा का उद्घाटन किया गया और दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। केंद्र ने अपनी छह वर्षों की यात्रा में 52 तकनीकी समस्याओं के समाधान में सहायता दी, 100 से अधिक उद्यम विचारों का मार्गदर्शन किया और नौ स्टार्टअप्स को 3-3 लाख रुपये की आरंभिक वित्तीय सहायता प्रदान की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) पी.के. प्रजापति ने संस्थान की प्रगति और आगामी प्राथमिकताओं का ब्योरा रखा। उन्होंने रेखांकित किया कि AIIA-iCAINE पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान और आधुनिक शोध के संगम से व्यावहारिक उत्पाद व उद्यम तैयार करने तथा अकादमिक जगत व उद्योग के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उनके अनुसार, केंद्र ने मार्गदर्शन और प्रारंभिक वित्तीय मदद देकर आयुर्वेद क्षेत्र के नए उद्यमियों को मजबूती दी है।

समारोह के मुख्य आकर्षण के तौर पर आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से ‘आयुषटेक इनोवेट’ की घोषणा की गई। आयुष मंत्रालय और AIIA के समन्वय से आईआईटी बॉम्बे का टेकफेस्ट इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता को आयोजित कर रहा है। इसमें संस्थान के ओपन-सोर्स लार्ज लैंग्वेज मॉडल ‘आयुषपरम’ की सहायता से पारदर्शी, सुरक्षित और व्यावहारिक एआई मॉडल तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह पहल नैदानिक पद्धति, शास्त्रीय ग्रंथों के विश्लेषण, शोध, चिकित्सा योजना और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगी, जिसका अंतिम चरण 15 से 18 दिसंबर 2026 तक आईआईटी बॉम्बे में आयोजित होगा।

संस्थान ने तकनीकी विकास को आगे बढ़ाने के लिए वर्ल्ड आयुर्वेद फाउंडेशन (WAF) और रिलायंस रिटेल के साथ दो अलग-अलग अनुबंध किए हैं। WAF के साथ ‘AI in Ay-Secretariat for Artificial Intelligence in Ayurveda’ की स्थापना होगी, जो संयुक्त अनुसंधान, सीएसआर परियोजनाओं, हैकाथॉन और जिम्मेदार एआई उपयोग पर काम करेगा। वहीं रिलायंस रिटेल के ‘पहाड़ी लोकल’ ब्रांड के साथ हुए समझौते के तहत पारंपरिक ज्ञान से त्वचा देखभाल उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जिसमें AIIA-iCAINE फॉर्मुलेशन का परामर्श देगा तथा कंपनी उत्पादन व विपणन का कार्य संभालेगी।

नवाचारों को सुरक्षित रखने के लिए आरंभ की गई आईपीआर सुविधा उद्यमियों और शोधकर्ताओं को पेटेंट और बौद्धिक संपदा के प्रति जागरूक करेगी। आयोजन के दौरान क्षमता संवर्धन के लिए आयोजित कार्यशाला में रिलायंस रिटेल की प्रतिनिधि जेसिका ने ब्रांडिंग और AIIA-iCAINE के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुजीत एरणेझाथ ने डिजाइन थिंकिंग व मूल्य निर्धारण पर सत्र लिए।

समारोह में ‘आयुप्रेन्योर: अ बिगिनर्स ग्लॉसरी’ पुस्तक का विमोचन हुआ और स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 के विजेताओं को अनुदान वितरित किया गया। कार्यक्रम में इनक्यूबेशन प्रमुख डॉ. अरुण कुमार महापात्र ने स्वागत भाषण दिया तथा मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) श्रीनिवास प्रसाद बुडुरु ने विचार रखे। 29 अक्टूबर 2021 को स्थापित AIIA-iCAINE देश का पहला सार्वजनिक आयुर्वेद बिजनेस इनक्यूबेटर है, जो पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक और उद्यमशीलता से जोड़ने की दिशा में कार्यरत है।

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