केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भारत स्थित रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। भारत और रूस के बीच आर्थिक तथा वित्तीय साझेदारी को और अधिक सशक्त बनाने के लिए दोनों देशों ने अपने संवाद को तेज कर दिया है। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार की प्रक्रियाओं को सरल बनाना, निवेश को गति देना और दोनों देशों के बीच वित्तीय संपर्क को मजबूत करना रहा। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस बैठक का आधिकारिक ब्योरा साझा किया है।
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इस बातचीत के केंद्र में आर्थिक और वित्तीय सहयोग का विस्तार करना रहा। दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार को आगे बढ़ाने, निवेश प्रवाह को तेज करने और सुगम वित्तीय कनेक्टिविटी के लिए नए विकल्प खोजने पर गहन मंथन किया। इसके साथ ही, बैठक में भारत और रूस ने अपनी पुरानी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने का संकल्प दोहराया। आर्थिक जानकारों के अनुसार, यह संवाद दोनों देशों के व्यावसायिक रिश्तों को नया आयाम देने में अहम साबित हो सकता है।
यह द्विपक्षीय बैठक ऐसे महत्वपूर्ण समय में आयोजित हुई है, जब भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (ईएईयू) के मध्य मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर वार्ताएं चल रही हैं। इस प्रस्तावित समझौते का सीधा लक्ष्य दोनों पक्षों के व्यापारिक रिश्तों का विस्तार करना और एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंच को सुगम बनाना है। ईएईयू समूह में रूस के अतिरिक्त आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान सदस्य देश के रूप में शामिल हैं। इस समझौते के सिरे चढ़ने से भारतीय उद्योग जगत के लिए यूरेशियाई बाजारों में व्यापार तथा निवेश की नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले महीने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी यूरेशियन इकोनॉमिक कमीशन के व्यापार मंत्री आंद्रेई स्लेपनेव के साथ चर्चा की थी। उस बैठक में भी भारत-ईएईयू मुक्त व्यापार समझौते की प्रक्रिया को तेज करने और बाजार पहुंच का दायरा बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया गया था। वार्ता के उपरांत पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया था कि बैठक में एफटीए बातचीत को रफ्तार देने, आपसी व्यापार में वृद्धि करने और बाजार विस्तार के उपायों पर सार्थक चर्चा हुई।
पीयूष गोयल और आंद्रेई स्लेपनेव के बीच हुई उस पिछली वार्ता में फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे प्रमुख सेक्टरों पर खास तौर पर फोकस किया गया था। साथ ही, भारत और ईएईयू के बीच समग्र आर्थिक सहयोग को गहरा करने तथा व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने के अवसरों की भी समीक्षा की गई थी। वित्तीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में निर्मला सीतारमण और रूसी राजदूत की इस ताजा मुलाकात को उसी व्यापक आर्थिक साझेदारी की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। एफटीए वार्ता के आगे बढ़ने से दोनों पक्षों के बीच औद्योगिक सहयोग, व्यापार और निवेश के नए द्वार खुलने की पूरी संभावना है।