काबुल एयरपोर्ट पर अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। इस बीच अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले का बड़ा खतरा बताते हुए अपने नागरिकों से कहा है कि फिलहाल काबुल एयरपोर्ट पर नहीं जाएं और जो लोग एयरपोर्ट के बाहर मौजूद हैं वहां से तुरंत हट जाएं। काबुल स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि जो अमेरिकी काबुल एयरपोर्ट के अब्बे गेट, ईस्ट गेट या नॉर्थ गेट पर मौजूद हैं, वे फौरन वहां से हट जाएं और अगले निर्देश का इंतजार करें।
तालिबान ने काबुल में TOLO न्यूज के पत्रकार जियार खान का कैमरा तोड़ दिया और उनसे मारपीट की है। इस बीच खबर आई कि तालिबान की पिटाई से जियान खान की मौत हो गई, लेकिन जियार खान ने खुद इसका खंडन किया है। उन्होंने कहा है, ‘तालिबान ने मेरे साथ मारपीट की है, लेकिन कुछ लोगों ने मेरी मौत की अफवाह उड़ा दी।’ बता दें जियार खान अफगानिस्तान में गरीबी पर कवरेज कर रहे हैं।
अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए सरकार ने ऑपरेशन देवी शक्ति चला रखा है। इसके तहत 24 भारतीयों और 11 नेपालियों को काबुल से लेकर एयरफोर्स का विमान आज गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर लैंड हुआ है। इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि 80 अफगानी सिख जो कि भारत आना चाहते थे, उन्हें तालिबान ने रोक दिया और पवित्र गुरु ग्रंथ साहिब को भी भारत नहीं लाने दिया। बताया जा रहा है कि एयरफोर्स के विमान ने अफगानी लोगों का काफी देर तक इंतजार भी किया, लेकिन उन्हें ला नहीं सका।
अफगानिस्तान से लोगों को एयरलिफ्ट करने के साथ ही केंद्र सरकार वहां के हालात पर करीब से नजर रखे हुए है। इसी सिलसिले सरकार सर्वदलीय बैठक भी कर रही है। इस बैठक में सरकार सभी दलों को बताएगी कि अफगानिस्तान के मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जा रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर इस बारे में जानकारी देंगे।
अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान अब अपनी सरकार बनाने की कवायद में जुटा है। इस बीच उनसे अंतरिम रक्षा मंत्री और गृह मंत्री बना दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने खतरनाक आतंकी मुल्ला अब्दुल कय्यूम जाकिर को अंतरिम रक्षा मंत्री बनाया है। अमेरिका की अगुआई वाली NATO सेना ने 2001 में जाकिर को गिरफ्तार किया था और 2007 तक ग्वांतनामो की जेल में रखा था। ग्वांतेनामो-बे जेल क्यूबा में स्थित हाई सिक्योरिटी जेल है। यहां खूंखार और हाई प्रोफाइल आतंकियों को रखा जाता है।
अमेरिका और भारत समेत दुनिया के कई देश अपने-अपने नागरिकों को अफगानिस्तान के निकाल रहे हैं। इस बीच अमेरिकी सरकार के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि काबुल से एयरलिफ्ट किए गए 100 अफगानियों के संबंध ISIS जैसे आतंकी संगठनों से हो सकते हैं और ये लोग इंटेलिजेंस एजेंसी की निगरानी लिस्ट में शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के ऑटोमेटेड बायोमीट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम से इन लोगों की पहचान हुई है।
अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबानी क्रूरता की तस्वीर हर रोज सामने आ रही है। अफगानिस्तान के पूर्व गृह मंत्री मसूद अंदाराबी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने दावा किया है कि लोगों को डराने के लिए तालिबान घर के सदस्यों के सामने ही बच्चों की हत्या कर रहे हैं और घरों में सोते हुए बुजुर्गों को गोलियों से भून रहे हैं।
अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबानी क्रूरता की तस्वीर हर रोज सामने आ रही है। अफगानिस्तान के पूर्व गृह मंत्री मसूद अंदाराबी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने दावा किया है कि तालिबानी परिवार के सामने बच्चों की हत्या कर रहे हैं। घर में सो रहे बुजुर्गों को गोलियों से भून दे रहे हैं।