काबुल एयरपोर्ट पर 2 फिदायीन हमले

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ठीक सामने गुरुवार शाम दो फिदायीन हमले हुए। इनमें अब तक 108 लोग मारे जा चुके हैं और 1383 जख्मी हैं। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आतंकी संगठन ISIS के खुरासान ग्रुप ने हमले की जिम्मेदारी ली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के जनरल कैनेथ मैकेंजी ने कहा है कि मरने वालों में 13 मरीन कमांडो शामिल हैं।

भास्कर सूत्रों के मुताबिक, 3 और धमाकों की खबर है। हालांकि, ये एयरपोर्ट के पास ही हुए, ये नहीं कहा जा सकता। दारुलअमन इलाके में भारी गोलीबारी की भी जानकारी है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा- गुरुवार को हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अब्बे गेट पर पहला ब्लास्ट हुआ। कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट के नजदीक बैरन होटल के पास दूसरा धमाका हुआ। यहां ब्रिटेन के सैनिक ठहरे हुए थे। एयरपोर्ट के बाहर तीन संदिग्धों को देखा गया था। इसमें से दो आत्मघाती हमलावर थे, जबकि तीसरा बंदूक लेकर आया था। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

  • US सेंट्रल कमांड के जनरल मैकेंजी ने कहा- फिलहाल, 5 हजार लोग काबुल एयरपोर्ट पर फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। इनमें 1 हजार अमेरिकी हैं। 14 अगस्त से अब तक हम एक लाख चार हजार सिविलियंस को निकाल चुके हैं। इनमें से 66 हजार अमेरिका और 37 हजार हमारे सहयोगी देशों के नागरिक हैं।
  • रशियन मीडिया के मुताबिक, आतंकी संगठन ISIS ने काबुल एयरपोर्ट पर हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने फिदायीन हमलावर का फोटो भी जारी किया है।
  • वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस ने न्यूसॉम में रैली रद्द की। वॉशिंगटन लौट रही हैं। पेंटागन ने कहा- हमलावरों की पहचान की जा रही है। अमेरिका कार्रवाई के लिए आजाद है।
  • ब्रिटेन और अमेरिका ने कहा है कि काबुल धमाकों के बाद भी लोगों को एयरलिफ्ट करने का काम जारी रखेंगे। भारत ने ब्लास्ट की घटना की निंदा की है।
  • जर्मनी ने अब और लोगों के निकालने पर रोक लगा दी है। हालांकि, ब्लास्ट में घायल लोगों के लिए उसने अपना एक इमरजेंसी प्लेन एयरपोर्ट पर लगा रखा है।
  • तालिबान ने तुर्की के हैबर्टर्क टीवी को दिए इंटरव्यू में कहा है कि विदेशी सेना तय समय में काबुल छोड़ दे। हम अब और आतंकी हमले नहीं देखना चाहते।
  • काबुल हवाई अड्डे के पास हमले के बाद ब्रिटेन ने एयरलाइंस को अफगानिस्तान के ऊपर 25,000 फीट से नीचे उड़ान भरने से बचने का निर्देश दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने काबुल एयरपोर्ट हमले की निंदा करते हुए कहा कि सैनिकों की मौत बेहद दुखद है, दूसरों की जान बचाने में अमेरिकी सैनिकों का बलिदान हम कभी भुलेंगे नहीं और ना ही माफ करेंगे। हम आतंकियों को ढूंढकर मारेंगे । सैनिकों के परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं। हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को बचाएंगे और अपने अफगान सहयोगियों को बाहर निकालेंगे, हमारा मिशन जारी रहेगा, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फौज भी भेजेंगे।

तालिबान ने अब तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। इसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। तालिबान ने इसे आतंकी हमला बताया है। एयरपोर्ट पर एक शख्स ने बताया कि उसकी गोद में ही उसके बच्चे की मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि एयरपोर्ट से लगे नाले में लाशों और घायलों का ढेर लगा है। यहां पानी में शव पड़े हुए हैं। लोग अपनों को ढूंढ रहे हैं। एक दिन पहले ही इस नाले का वीडियो सामने आया था, जिसमें लोगों का हुजूम था। लोग एयरपोर्ट के अंदर जाने के लिए नाले में खड़े थे।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने दोनों धमाकों की पुष्टि की। सुरक्षा के लिए काबुल एयरपोर्ट से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सभी विमानों को नाटो सेना ने सुरक्षा घेरे में ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह फिदायीन हमला था और हमलावर के निशाने पर अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिक थे। इटली के एक एयरक्राफ्ट पर भी फायरिंग की खबर है। इस एयरक्राफ्ट में इटली के अलावा कुछ और देशों के नागरिक थे।

काबुल एयरपोर्ट पर दो धमाकों के फौरन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन को इसकी जानकारी दी गई। CBS न्यूज ने व्हाइट हाउस के एक सूत्र के हवाले से कहा- राष्ट्रपति और उनकी नेशनल सिक्योरिटी टीम ने एक घंटे तक सिचुएशन रूम में मीटिंग की। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन भी इस मीटिंग में मौजूद रहे। इसके अलावा ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल मार्क मिले भी राष्ट्रपति के साथ थे। अफगानिस्तान पर कुछ बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

काबुल एयरपोर्ट पर धमाके के बाद डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर और पूर्व प्रवक्ता डेन क्रेनशॉ ने प्रेसिडेंट बाइडेन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- मिस्टर प्रेसिडेंट अब इस मामले को संभालिए जिसको आपने ही खड़ा किया है। इससे भागने की कोशिश मत कीजिए। आपके हाथ खून से रंगे हुए हैं। हम अब भी जंग के मैदान में हैं। इसे युद्ध का अंत समझने की गलती मत कीजिए। आपने दुश्मन को एक और फायदेमंद मौका दिया है।

ब्लास्ट के करीब आधे घंटे बाद ही अमेरिका ने अपने नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट न जाने और इस इलाके से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की। काबुल स्थित अमेरिकी एम्बेसी ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस एडवाइजरी को शेयर किया है। खास बात यह है कि बुधवार को ही एक अमेरिकी अफसर ने कहा था कि अगर अफगानिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में कोई अमेरिकी है तो वो फौरन एम्बेसी से संपर्क करके काबुल एयरपोर्ट पहुंचे।

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