राहुल गांधी के साथ cm भूपेश बघेल की करीब साढ़े तीन घंटे की मैराथन बैठक

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस में चल रही खींचतान और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने शुक्रवार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के साथ लंबी बैठक की। बैठक के बाद बघेल ने कहा कि उन्होंने अपने नेता को दिल की बात कह दी और ‘मुख्यमंत्री के तौर पर’ उनकी ओर से दिए गए निमंत्रण पर राहुल गांधी अगले सप्ताह राज्य का दौरा करेंगे। बैठक के बाद बघेल नेहालांकि सीएम पद के लिए ढाई साल के कथित फॉर्म्यूले पर सीधा जवाब नहीं दिया।

राहुल के साथ करीब साढ़े तीन घंटे की मैराथन बैठक (Bhupesh Baghel meets Rahul Gandhi) के बाद बाहर निकले बघेल ने मुख्यमंत्री पद के लिए ढाई-ढाई साल के फॉर्म्यूले पर पूछे गए सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया ने जो पिछले दिनों कहा था, उसके बाद कोई बात बाकी नहीं रह जाती। राहुल के साथ इस मंगलवार को हुई भी बघेल और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव की मीटिंग हुई थी। इसके बाद पुनिया ने कहा था कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

बघेल ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के साथ बैठक में राजनीतिक मुद्दों और राज्य के विकास से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की गई। राहुल के आवास पर हुई बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल और पीएल पुनिया मौजूद थे।

बैठक के बाद बघेल ने कहा, ‘‘सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। छत्तीसगढ़ के कार्यक्रमों और योजनाओं के बारे में भी चर्चा हुई। मैंने अपने नेता से दिल की बात कह दी।’’‘मुख्यमंत्री के तौर पर’ उन्होंने राहुल गांधी को छत्तीसगढ़ का दौरा करने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कम से कम दो दिन के दौरे पर आएंगे। वे सबसे पहले बस्तर पहुंचेंगे और फिर मैदानी इलाके और सरगुजा का भी दौरा करेंगे। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रभारी ने बात कह दी, उसके बाद कुछ बाकी नहीं रह जाता है।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मुख्यमंत्री आलाकमान ने बनाया है। जब तक आलाकमान चाहेगा तब तक रहूंगा।’’

इस बीच, बघेल के समर्थक करीब 60 विधायकों और पूर्व विधायकों ने कांग्रेस मुख्यालय में वेणुगोपाल से मुलाकात की। इससे पहले करीब 20 विधायकों ने पी एल पुनिया से भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इन विधायकों ने नेतृत्व परिवर्तन नहीं करने और बघेल को ही मुख्यमंत्री बनाए रखने की पैरवी की।

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