तालिबानी बंदिशों और पाकिस्तान के दखल के खिलाफ काबुल में लगातार चौथे दिन बुधवार को भी प्रदर्शन हो रहे हैं। इनकी अगुआई महिलाएं कर रही हैं। इस दौरान तालिबानियों ने महिलाओं को रोककर विरोध और नारेबाजी बंद करने को कहा, लेकिन वे नहीं मानीं।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए तालिबानी लड़ाकों ने महिलाओं पर ताबड़तोड़ कोड़े बरसाना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं सड़क से गुजरती युवतियों को भी लड़ाकों ने बेरहमी से पीटा। दूसरी तरफ काबुल में निकाली गई पाकिस्तान विरोधी रैली के बाद तालिबान ने धमकी दी है कि सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन नहीं चलेगा।
अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार की घोषणा के बाद अब पंजशीर के लड़ाकों ने भी अपनी अलग सरकार बनाने का ऐलान किया है। नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के नेता अहमद मसूद ने तालिबान की सरकार को नाजायज बताया है। उन्होंने कहा कि हम लोग जल्द ही अपने नेताओं और समर्थकों के साथ चर्चा कर अफगानिस्तान में एक समानांतर सरकार बनाने का ऐलान करेंगे। खामा न्यूज ने रेजिस्टेंस फोर्स के हवाले से कहा, “मसूद ने स्वीकार किया कि वे इस संक्रमणकाल में लोकतांत्रिक और वैध सरकार की स्थापना करेंगे। यह लोगों के वोटों के आधार पर बनाई लाएगी और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी स्वीकार्य होगा।” बयान में आगे कहा गया, “तालिबान की नाजायज सरकार अफगानिस्तान, क्षेत्र और दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा के लिए खतरा है।’
अफगानिस्तान में तालिबान के अंतरिम सरकार के ऐलान के ठीक एक दिन बाद पाकिस्तान एक वर्चुअल मीटिंग कर रहा है। इस मीटिंग में चीन और ईरान के साथ ताजिकिस्तान, तुर्केमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री भी शामिल हैं। इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कर रहे हैं। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘इस बैठक में अफगानिस्तान की उपजी स्थिति में क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए साझा चुनौतियों और नए अवसरों की पहचान पर चर्चा की जाएगी।’ इससे पहले इन देशों के प्रतिनिधियों और राजदूतों ने 5 सितंबर को चर्चा की थी।
अफगानिस्तान में तालिबान के खौफ से हजारों अफगानी भागकर पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन पाकिस्तान ने अब 200 लोगों को वापस भेज दिया है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा है कि जिन लोगों को लौटाया गया है वे अवैध रूप से पाकिस्तान में घुसे थे।
तालिबान की सरकार का ऐलान होते ही शिक्षा को लेकर उसकी सोच का पता चल गया है। तालिबानी सरकार में शिक्षा मंत्री बनाए गए शेख मौलवी नूरुल्लाह मुनीर ने कहा है कि पीएचडी या मास्टर डिग्री की कोई वैल्यू नहीं है। मुल्लाओं और सत्ता में शामिल तालिबानी नेताओं के पास भी ये डिग्रियां नहीं हैं, यहां तक कि उनके पास तो हाईस्कूल की डिग्री भी नहीं है, लेकिन फिर भी वे ताकतवर हैं।