अगस्त में गोल्ड ETF में लोगों ने लगाए 24 करोड़ रुपए

सोने के दाम गिरने के साथ ही सोने में निवेश बढ़ने लगा है। अगस्त महीने में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ETF) में 23.92 करोड़ रुपए का निवेश आया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (Amfi) के आंकड़ों के अनुसार 2021 के पहले 8 महीने के दौरान गोल्ड ETF में कुल 3,070 करोड़ रुपए का निवेश आया है।

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के अनुसार इस कैटेगरी में फोलियो की संख्या भी बढ़ी है। अगस्त में फोलियो की संख्या बढ़कर 21.46 लाख हो गई, जो पिछले महीने 19.13 लाख थी।

AMFI के आंकड़ों के अनुसार गोल्ड ETF का कुल असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जुलाई अंत तक 16,750 करोड़ रुपए था। जो अगस्त के आखिर तक घटकर 16,350 करोड़ रुपए पर आ गया है। ऐसा सोने की कीमत गिरने के कारण हुआ है।

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि अभी सोना 47 हजार पर आ गया है। बढ़ती महंगाई और कोरोना के कारण कई देशों में अभी भी लॉकडाउन होने के कारण आने वाले समय में सोने को सपोर्ट मिलेगा। इससे आने वाले एक साल में सोना फिर 54 हजार तक जा सकता है। इसीलिए सोने में लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना सही साबित हो सकता है।यह एक ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड होता है, जो सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर आधारित होता है। ETF बहुत अधिक कॉस्ट इफेक्टिव होता है। एक गोल्ड ETF यूनिट का मतलब है कि 1 ग्राम सोना। वह भी पूरी तरह से प्योर। यह गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के साथ स्टॉक में इन्वेस्टमेंट की फ्लेक्सिबिलिटी देता है। गोल्ड ETF की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा।गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *