सरकार ने विमानन कंपनियों को राहत देते हुए यात्री क्षमता को 72.5% से बढ़ाकर 85% कर दिया है। विमानन मंत्रालय ने इसके अलावा किराए से संबंधित नियम में भी बदलाव किया है। अब हवाई किराए की मिनिमम और मैक्सिमम लिमिट महीने में केवल 15 दिन लागू रहेगी। यह महीने में किसी भी समय 15 दिन तक लागू होगी और विमानन कंपनी 16वें दिन से बिना किसी सीमा में किराया ले सकेंगी।
मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक नए आदेश में कहा, मान लीजिए आज तारीख 20 सितंबर है, तो किराया सीमा 4 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस तरह 5 अक्टूबर या उसके बाद किसी भी तारीख को यात्रा के लिए 20 सितंबर को की गई बुकिंग को किराए की सीमा को नियंत्रित नहीं किया जाएगा।पिछले साल देश भर में लॉकडाउन के बाद मई में सरकार ने हवाई किराए की एक सीमा तय कर दी थी। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि तब कम संख्या में फ्लाइट चल रही थीं। इससे कंपनियां टिकट के लिए ज्यादा पैसा वसूल रही थीं। इसके तहत 15 दिन की निचली और ऊपरी सीमा तय रहेगी।
15 दिन इतना रहेगा न्यूनतम और अधिकतम किराया
| यात्रा में लगने वाला समय | मिनिमम किराया (रु.) | मैक्सिमम किराया (रु.) |
| 0-40 मिनट | 2,900 | 8,800 |
| 40-60 मिनट | 3,700 | 11,000 |
| 60-90 मिनट | 5,062 | 13,200 |
घरेलू एयरलाइंस की उड़ान क्षमता को 72.5% से बढ़ाकर 85% कर दिया गया है। इससे पहले 12 अगस्त को घरेलू एयरलाइंस की यात्री क्षमता को 65 से 72.5% किया गया था।
जुलाई के आखिरी सप्ताह की तुलना में अगस्त के पहले सप्ताह में देश में हवाई यात्रियों की संख्या 36% बढ़ गई थी। इसके अलावा अगस्त 2020 के मुकाबले अगस्त 2021 में यात्रियों की संख्या बढ़कर दोगुने से भी ज्यादा हो गई है।