घरेलू शेयर बाजार में बेलगाम तेजी:

अर्थव्यवस्था, आयात-निर्यात और महंगाई के मोर्चे पर लगातार अच्छी खबरें मिल रही हैं। शेयर बाजार भी शानदार रिटर्न के साथ निवेशकों के चेहरे चमका रहा है। BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स शुक्रवार को पहली बार 60,000 का आंकड़ा पार कर गया। अच्छी बात यह है कि मझोले और छोटे, सभी तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी है। सेंसेक्स इस साल अब तक 25% चढ़ा है, लेकिन मिड कैप 42% और स्मॉल कैप 55% उछला है।जानकारों के मुताबिक बाजार में रैली को झटका महंगाई और उसको लेकर रिजर्व बैंक के रुख में बदलाव से लग सकता है। ऐसे में आपकी उत्सुकता यह जानने में हो सकती है कि भारत में पॉजिटिव रुझानों के बीच ग्लोबल स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी में क्या हो रहा है। सबसे पहले ग्लोबल स्टॉक मार्केट की बात करते हैं, जिसके इस साल के रिटर्न में काफी वैरिएशन है। अमेरिका का बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स डाओ जोंस इस साल 13.60% ऊपर चल रहा है जबकि नैस्डेक में 16.80% की मजबूती है।

अगर एशियाई शेयर बाजारों की बात करें तो इस साल अब तक जापान के निक्केई में 39.00% का उछाल आया है जबकि कोरिया का कोस्पी 8.75% चढ़ा है। चीन के शंघाई कंपोजिट में 4.20% की तेजी है जबकि हांगकांग के हैंगसेंग में 10.30% की गिरावट आई है। जहां तक यूरोप की बात है तो फ्रांस के बेंचमार्क स्टॉक इंडेक्स CAC ने 20.75%, जर्मनी के DAX ने 14.00% और ब्रिटेन के FTSE ने 9.60% का रिटर्न दिया है।अब दूसरे एसेट क्लास की भी बात कर लेते हैं, जिसमें पैसा लगाना लोग खूब पसंद करते हैं। बुलियन, सोने का परफॉर्मेंस इस साल अब तक शेयरों के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। एक जनवरी 2021 को 50,143 प्रति 10 ग्राम पर रहे सोना 8.15% कमजोर हुआ है। जहां तक चांदी की बात है तो इस साल अब तक तक इसने 9.60% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। पहली जनवरी 2021 को इसकी कीमत 66,966 रुपए प्रति किलो थी।

जेफरीज के ग्लोबल हेड- इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस्टोफर वुड के मुताबिक, भारत के शेयर बाजार में तेजी का दौर चल रहा है। उन्होंने अपने वीकली नोट-ग्रीड एंड फीयर में बाजार को सपोर्ट देने वाले कई फैक्टर की बात की, जिसमें रोजगार सृजन का जिक्र किया है। GDP ग्रोथ के मुकाबले कंपनियों की वित्तीय स्थिति ज्यादा तेजी से बेहतर हो रही है। FY20 में कंपनियों का प्रॉफिट GDP का 1.2% था जो FY21 में बढ़कर 2.1% पर आ सकता है।

ऐसे में भारत सहित दुनिया के अहम देशों की इकोनॉमिक ग्रोथ पर नजर डालना भी अहम होगा। वर्ल्ड बैंक के अनुमान के मुताबिक, 2021 में ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 5.6% रह सकता है जबकि IMF ने 6.0% का आंकड़ा दिया है। टॉप 50 में शामिल इकोनॉमी में 12.55% की सबसे तेज ग्रोथ भारत की रह सकती है। अगर अहम अर्थव्यवस्थाओं की बात करें तो अमेरिका का ग्रोथ रेट 2019 में 2.1% था जो 2020 में नेगेटिव 3.51% हो गया। IMF के मुताबिक 2021 में अमेरिका का GDP ग्रोथ रेट 6.39% जबकि चीन का 8.44% रह सकता है।पाकिस्तान का ग्रोथ रेट सबसे कम, 1.5% रह सकता है। इसकी आर्थिक स्थिति दूसरे महाद्वपीय देश बांग्लादेश (5.04%) से भी बदतर रहने वाली है। एशिया के दूसरे तेज ग्रोथ की संभावना वाले देशों में फिलीपींस (6.89%) और वियतनाम (6.50%) का नाम काफी ऊपर है।

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