भारतीय सेना ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जम्मू-कश्मीर के उरी में आज भी एक आतंकी को मार गिराया। सर्जिकल स्ट्राइक के 5 साल पूरे होने के मौके पर सेना ने उरी जैसे दूसरे हमले की साजिश को नाकाम किया है। पांच साल पहले उरी में ही आतंकियों ने सेना पर हमला किया था।
19 इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सीमा रेखा के पास 9 दिन से अभियान चल रहा था। इस दौरान कुल 7 आतंकी सेना के हाथों मारे गए। जनरल वीरेंद्र ने बताया कि यह अभियान 18 सितंबर को शुरू किया गया था, जब गश्त लगाते समय सेना को सीमा रेखा के पास घुसपैठ की आशंका हुई थी।
उन्होंने बताया कि जब एनकाउंटर शुरू हुआ तो दो घुसपैठिए सीमारेखा में घुसे, जबकि चार घुसपैठिए उसी तरफ रुके रहे। गोलीबारी के बाद धुएं का फायदा उठाते हुए उनमें से दाे आतंकी भारतीय सीमा में घुस आए। इन्हें पकड़ने के लिए अतिरिक्त बल को लगाया गया।
25 सितंबर को एक एनकाउंटर में एक आतंकी को मार गिराया गया, जबकि दूसरे को पकड़ लिया गया। इस आतंकी ने अपना नाम अली बाबर पात्रा बताया। 18 साल का यह आतंकी पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला है और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। उसने मुजफ्फराबाद में ट्रेनिंग ली है।
जनरल वीरेंद्र ने बताया कि घुसपैठ की यह कोशिश सलामाबाद नाला के उसी इलाके में की गई जहां पर 2016 में आतंकियों ने घुसपैठ की थी। इन घुसपैठियों की पाकिस्तान की तरफ से तीन सामान उठाने वाले लोगों ने मदद की थी जो LOC तक इनका सामान उठाकर आए थे।उन्होंने कहा कि आतंकियों के ऐसे बड़े समूह का मूवमेंट बिना पाकिस्तानी सेना की मदद के नहीं हो सकता है। LOC के उस तरफ लॉन्च पैड्स पर लगातार हलचल हो रही है। पिछले सात दिनों में हमने 7 आतंकियों को मार गिराया है। इन आतंकियों के पास से AK सीरीज के 7 हथियार, 9 पिस्टल और रिवॉल्वर और 80 से भी ज्यादा ग्रेनेड बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इनके पास पाकिस्तानी करेंसी भी बरामद हुई है।