इन्वेस्को और जी के बीच तकरार बढ़ी:

जी एंटरटेनमेंट EGM नहीं बुलाएगी। शुक्रवार को कंपनी ने बोर्ड मीटिंग बुलाई और उसमें यह फैसला किया। अब इन्वेस्को और जी में खींचतान और बढ़ेगी। गुरुवार को ही NCLT ने जी एंटरटेनमेंट को आदेश दिया था कि वह 3 अक्टूबर से पहले एक्स्ट्रा आर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) के बारे में जानकारी दे।

NCLT के आदेश के बाद आज जी एंटरटेनमेंट ने बोर्ड की मीटिंग बुलाई। स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में जी एंटरटेनमेंट ने कहा कि कंपनी और शेयरधारकों के हित में वह EGM नहीं बुलाएगी। बोर्ड ने कहा कि उसने इस बारे में कानूनी सलाह ली है और उसी आधार पर काम करेगा। जी ने कहा कि गोयनका इंट्रेस्टेड पार्टी हैं। उन्होंने बोर्ड मीटिंग अटेंड नहीं की।

NCLT में इस मैटर की सुनवाई 4 अक्टूबर को होनी है। कानूनी जानकार कहते हैं कि अगर शेयरधारकों ने इन्वेस्को का साथ दिया तो पुनीत गोयनका की छुट्‌टी EGM में तय है। अगर ऐसा हो जाता है तो सोनी पिक्चर्स के साथ जी की डील भी अटक जाएगी। हालांकि नया बोर्ड चाहे तो डील कर भी सकता है या नहीं भी कर सकता है, यह फैसला नए बोर्ड को लेना होगा।

नियम के अनुसार, अगर कोई कंपनी किसी कंपनी में 10% से ज्यादा की निवेशक है और वह EGM बुलाने के लिए नोटिस देती है, तो कंपनी को 3 हफ्ते के अंदर EGM बुलानी होती है।

जी एंटरटेनमेंट में इन्वेस्को की 18% के करीब हिस्सेदारी है। इन्वेस्को ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस का मुद्दा उठाते हुए EGM बुलाने की मांग की थी। इन्वेस्को ने पहले 11 सितंबर को EGM के लिए नोटिस दिया था। जी को यह नोटिस 12 सितंबर को मिला था। इसके अनुसार जी को 2 अक्टूबर तक EGM बुलाने की घोषणा करने का समय है। यदि जी एंटरटेनमेंट EGM की तारीख घोषित करने में फेल होती है तो इन्वेस्को खुद मीटिंग की तारीख घोषित कर सकती है।EGM में इन्वेस्को शेयरधारकों से यह पूछ सकती है कि वह जी एंटरटेनमेंट के MD पुनीत गोयनका को हटाने के लिए वोट करें। साथ ही 6 नए स्वतंत्र निदेशकों को जी के बोर्ड पर नियुक्त करने के लिए वोट करें।जी एंटरटेनमेंट में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 4.77% जबकि फंड हाउसेज और दूसरे निवेशकों की हिस्सेदारी 95.23% है। इनमें म्यूचुअल फंड के पास 3.77%, विदेशी निवेशकों के पास 67.72% और LIC के पास 4.89% हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, ग्लोबल असेट मैनेजमेंट कंपनी होने के नाते इन्वेस्को, विदेशी निवेशकों को अपने पक्ष में मोड़ सकती है। ऐसे में डील में पेंच फंस सकता है।

जुलाई 2019 में इन्वेस्को ने कंपनी में 11% हिस्सेदारी खरीदने के लिए जी एंटरटेनमेंट के प्रमोटर्स के साथ डील की थी। यह सौदा 400 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 4,224 करोड़ रुपए में हुआ था। सूत्रों के मुताबिक इन्वेस्को की बगावत के बाद ही जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा ने सोनी के साथ संपर्क साधा।

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