लखीमपुर हिंसा में मुआवजे की राजनीति:

तीन अक्टूबर को लखीमपुर हिंसा में 8 लोगों की जान गई। इसमें 4 किसान भी शामिल हैं। घटना के 48 घंटे बीतने के बाद यूपी की योगी सरकार ने मृतक किसानों के परिवार को 45-45 लाख रुपए का चेक मुआवजे में दिया। वहीं, बुधवार को पंजाब और छत्तीसगढ़ राज्य की कांग्रेस सरकार ने 50-50 लाख देने का ऐलान किया।

पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिन किसानों की मौत हुई है, उनमें एक पत्रकार भी शामिल है। सभी मृतकों के परिवार को पंजाब सरकार की 50 लाख रुपए देगी।

चन्नी के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ पूरा हिंदुस्तान खड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से हर पीड़ित किसानों के परिवार को 50 लाख रुपए और पीड़ित पत्रकार के परिवार को भी 50 लाख रुपये दिए जाएंगे।

7 मई 2011 को यूपी के ग्रेटर नोएडा के भट्टा-पारसौल में किसानों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया था। पुलिस फायरिंग में दो किसानों और दो सिपाहियों की मौत हुई थी। इसके बाद भट्टा-परसौल मामले में भी मुआवजे को लेकर खूब सियासत हुई थी। तब केंद्र में कांग्रेस और यूपी में बसपा का शासन था। उस दौरान भी केंद्र और प्रदेश सरकार में भट्टा पारसौल के किसानों को मुआवजा देने की होड़ मची थी। प्रदेश की बसपा सरकार ने 7 मई की घटना के बाद किसानों को करीब 48 लाख रुपए से ज्यादा का मुआवजा दिया था।

वहीं, केंद्र सरकार भी किसानों को 40 लाख रुपए से ज्यादा का मुआवजा देने का दावा किया था। इतना ही नहीं कांग्रेस तब गांव में चौपाल लगाकर घायल 65 किसानों को 10 से लेकर 50 हजार रुपए तक के चेक बांटे थे। तब बसपा सुप्रीमो मायावती ने केंद्र सरकार के भट्टा पारसौल 

लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज करा रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सीतापुर में ही 2 दिन(4 और 5 अक्टूबर) से पुलिस हिरासत में थी। बुधवार को राहुल गांधी भी पंजाब और छत्तीसगढ़ के सीएम के साथ सीतापुर और फिर लखीमपुर में मृतकों के परिवार वालों से मिलेंगे।

माना जा रहा है कि यूपी में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए कांग्रेस दलित सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और ओबीसी के बड़े चेहरे भूपेश बघेल को साथ में लेकर चल रहें है। कहा जा रहा है कि किसानों के आंदोलन को समर्थन दे रही कांग्रेस अपने इन दोनों चेहरों के जरिए एक बड़ा संदेश यूपी में देना चाहती है।

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