लखीमपुर खीरी हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कोर्ट ने सरकार से अब तक हुई जांच की स्टेटस रिपोर्ट को कल तक सौंपने का आदेश दिया है। इसके अलावा पूछा है कि जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई, वे गिरफ्तार हुए क्या? लोग आरोपी हैं, उनके खिलाफ जानकारी दी जाए।
इससे पहले चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि इस पूरे मामले पर कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। उनकी अगुवाई में तीन सदस्यीय बेंच सुनवाई करेगी। अब आगे की सुनवाई कल होगी।
बहराइच के किसान हरि सिंह ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष मिश्र समेत 15 लोगों पर हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज कराया था। उन्होंने आशीष पर किसानों को कुचलने का आरोप लगाया है।
वहीं, लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को हुई हिंसा पर सियासत जारी है। गुरुवार को बहराइच निकलने से पहले लखनऊ में प्रियंका गांधी ने कहा- अभी तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला। न्याय कैसे मिलेगा अगर वे (अजय मिश्र) गृह राज्य मंत्री रहेंगे? ये सब उनके अंडर में आता है? जब तक वे बर्खास्त नहीं होंगे तब तक निष्पक्ष जांच कौन करेगा? तीनों पीड़ित परिवारों ने एक ही बात कही कि मुआवजे से मतलब नहीं है, हमें न्याय चाहिए।
न्याय न मिलने तक सत्याग्रह जारी रहेगा। पीड़ित परिवार पैसे से नहीं, न्याय से संतुष्ट होंगे। बहराइच में पीड़ित परिवारों से मिलने जा रही हूं, पीड़ितों की आवाज उठाना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। नवरात्र का व्रत हूं, माँ दुर्गा सभी का कल्याण करें। बता दें कि बहराइच के दो किसानों की मौत लखीमपुर हिंसा में हुई थी।सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने के लिए लखीमपुर रवाना हो गए हैं। अखिलेश यादव ने कहा, ‘जो नामजद हैं जिन्होंने ऐसी घटना की है वो जेल जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है, हमें उम्मीद है कि इन परिवारों को न्याय मिलेगा।’ इससे पहले अखिलेश ने 4 अक्टूबर को जाने का प्रयास किया था, लेकिन उन्हें लखनऊ में हिरासत में ले लिया गया था।उधर, प्रदेश सरकार ने लखीमपुर खीरी मामले में न्यायिक आयोग गठित कर दिया है। हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव मामले की जांच करेंगे। शासन ने दो महीने में रिपोर्ट मांगी है। आयोग का मुख्यालय लखीमपुर खीरी में होगा।
राहुल और प्रियंका देर रात लखीमपुर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात करके तड़के 3 बजे लखनऊ आ गए थे। बुधवार शाम को राहुल-प्रियंका सबसे पहले लखीमपुर खीरी के तिकुनिया गांव पहुंचे। यहां मृतक किसान लवप्रीत सिंह (20) के परिवार से मिले। माता-पिता के गले लगकर ढाढ़स बंधाया।
इसके बाद मृतक स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप के घर पर दोनों पहुंचे। यहां प्रियंका ने पत्रकार रमन की पत्नी आराधना और उसके बच्चों वैष्णवी व अभिनव से बात की। हर सहयोग का आश्वासन दिया। फिर धौरहरा के मृतक किसान नक्षत्र सिंह (55) के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान राहुल ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि रिपोर्ट में क्या लिखा है।
राहुल ने कहा कि वे दोषी के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। हर कोई जानता है कि आरोपी कौन है। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा है, क्योंकि उसके पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हैं।
राहुल और प्रियंका के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला और अजय सिंह लल्लू भी मौजूद रहे। राहुल का आज दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।
रविवार यानी तीन अक्टूबर को किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र का विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए थे। इसी दौरान एक गाड़ी ने किसानों को कुचल दिया था। इससे 4 किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद भड़की हिंसा में आरोप है कि किसानों ने एक ड्राइवर समेत चार लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था। इस हिंसा में एक पत्रकार भी मारा गया।
इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है। सरकार और किसानों के बीच समझौता हुआ। सरकार ने मृतकों के परिवार को 45 लाख रुपए मुआवजा दिया। एक सदस्य को सरकारी नौकरी के साथ घटना की न्यायिक जांच और 8 दिन में आरोपियों की गिरफ्तारी का वादा भी किया गया है।