प्रदेश में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार शाम विदा हो गया। शनिवार को मानसूनी तंत्र सरगुजा क्षेत्र से पीछे हटना शुरू हुआ था। अगले तीन दिनों में वह बस्तर होकर प्रदेश की भौगोलिक सीमाओं के बाहर चला गया। इस बार समय से पहले आया मानसून का मौसम चार महीनों से अधिक समय तक बना रहा।
मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार दोपहर को बताया, दक्षिण पश्चिम मानसून पीछे लौटते हुए कांकेर तक पहुंच चुका है। देर शाम स्पष्ट हो गया कि मानसून उससे भी पीछे हट गया है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, दक्षिण-पश्चिम मानसून छत्तीसगढ़ से विदा हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक राजस्थान क्षेत्र से मानसून की विदाई 6 अक्टूबर से शुरू हो चुकी थी। शनिवार को दक्षिण पश्चिम मानसून मोतिहारी, गया, डाल्टनगंज, अम्बिकापुर, मंडला, इंदौर, बांसवाड़ा, गांधीनगर, राजकोट और पोरबंदर तक हट गया था। उसके बाद तेजी से मौसम उसके अनुकूल बना और मंगलवार शाम तक मानसून पूरी तरह विदा हो गया।
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 16 जून को सक्रिय होता है। चार दिनों में यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेता है। लेकिन इस बार यह 9-10 जून को ही रायपुर तक पहुंच गया था। 30 सितम्बर तक प्रदेश में 1108 मिलीमीटर की औसत बरसात हो चुकी थी।
प्रदेश में एक जून से 30 सितम्बर तक 1108 मिली मीटर औसत बरसात दर्ज हुई है। इन चार महीनों में प्रदेश की सामान्य औसत वर्षा 1142 मिली मीटर मानी जाती है। इस बार की बरसात सामान्य से 3 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 4 जिले सरगुजा, जसपुर, रायगढ़ और कांकेर जिले में सामान्य से कम बरसात है। बाकी सभी जिलों में 19 प्रतिशत अधिक या 19 प्रतिशत कम के बीच रहे हैं। इसे सामान्य माना जाता है। प्रदेश में कुल वर्षा के दिनों की औसत संख्या 56 दिन रही।मौसम विभाग के मुताबिक जून के महीने में सामान्य वर्षा 193.5 मिली मीटर है, जबकि प्रदेश में 244.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। यह सामान्य से 26 प्रतिशत अधिक रहा। इस अवधि में 21 जिले अधिक एक्सेस तथा 6 जिले सामान्य से कम की स्थिति में थे।
जुलाई तक प्रदेश में 756 मिलीमीटर बरसात हो चुकी थी। सामान्य तौर पर इन दो महीनों में 569 मिमी बरसात होती रही है। अकेले जुलाई में 331.6मिमी वर्षा दर्ज की गई जो कि सामान्य से 83 प्रतिशत रहा। तब तक 10 जिलों में बरसात सामान्य से अधिक और 17 जिले सामान्य से कम स्थिति में रहे।
अगस्त में प्रदेश में कुल वर्षा 797.5 मिली मीटर रही। सामान्य तौर पर इस महीने तक 933.2 मिमी बरसात होती रही है। केवल अगस्त महीने में सामान्य वर्षा 364 मिमी होती है, लेकिन इस बार केवल 221.5 मिमी पानी बरसा। यह सामान्य वर्षा का केवल 60.8 प्रतिशत रहा। अगस्त तक प्रदेश में औसत सामान्य बरसात 15 प्रतिशत कम रही। तब तक 1 जिले हैं एक्सेस, 14 जिले सामान्य तथा 12 जिले सामान्य से कम स्थिति में रहे।
सितंबर में कुल 310 मिलीमीटर वर्षा हुई है। वहीं सामान्य में 208.9 मिलीमीटर वर्षा होती रही है। जो सामान्य से 48.5 प्रतिशत अधिक रहा। इस अवधि में 25 जिले सामान्य तथा 2 जिले सामान्य से कम वर्षा की स्थिति बने रहे। सितंबर के अंत तक केवल चार जिले सामान्य से कम की स्थिति में रहे। अक्टूबर में भी कुछ जिलों में मामूली बरसात हुई है।