वित्त मंत्री ने कहा, भारत स्टिमुलस को कम करने की जल्दी में नहीं, लेकिन तेल की कीमतें चिंता का विषय

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को एक बड़ी चुनौती बताया है। वित्त मंत्री ने न्यूयॉर्क में ब्लूमबर्ग को दिेए एक इंटरव्यू में कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही हैं। ये बढ़ती कीमतें अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कुछ योजनाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सपोर्ट देने के लिए दिए गए प्रोत्साहन को वापस लेने की कोई जल्दी नहीं है, क्योंकि पॉलिसी मेकर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि देश एक टिकाऊ ग्रोथ के रास्ते पर है।

सीतारमण ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों पर हमारी नजर है। हमें जिस चुनौती का सामना करना पड़ेगा और टीमें भी मंत्रालय में देख रही हैं कि किस तरह से ईंधन की कीमतें एक बड़े शिखर की तरफ जा रही हैं। यह अनिश्चितता हमारे लिए एक बड़ा तत्व है।

उन्होंने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था को सहायता देने की कोशिश में इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए सार्वजनिक खर्च का एक निश्चित अमाउंट पहले ही तय कर चुकी है।भारतीय रिजर्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष को उम्मीद है कि भारत इस फाइनेंशियल ईयर में 9.5% दर से ग्रोथ करेगा, लेकिन ईंधन की बढ़ती कीमतें और कोयले की कमी एक बड़ी परेशानी बन सकती है।

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