लॉजिस्टिक सेवा देने वाली कंपनी डेलहीवरी ने सेबी के पास IPO के लिए अर्जी दे दी है। कंपनी इसके जरिए 7,460 करोड़ रुपए बाजार से जुटाएगी। कंपनी इसमें से 5 हजार करोड़ रुपए की रकम नए शेयर्स के जरिए जुटाएगी। जबकि ऑफर फॉर सेल के जरिए 2,460 करोड़ रुपए जुटाएगी।
ऑफर फॉर सेल के जरिए कंपनी में मौजूदा हिस्सेदार अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। प्राइवेट इक्विटी कंपनियां जैसे कारलाइल, जापान के सॉफ्टबैंक विजन फंड, टाइम्स इंटरनेट और अन्य कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बेचेंगी। कारलाइल और सॉफ्ट बैंक के साथ अन्य हिस्सेदारी 2,000 से 2,500 करोड़ रुपए के शेयर बेच सकते हैं। गुरुग्राम की इस कंपनी को पांच लोगों ने शुरू किया था। इसमें कपिल भारती, मोहित टंडन और सुरज सहारन हैं।
इस IPO के साथ ही डेलहीवरी IPO लाने वाली स्टार्टअप कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई है। कंपनी को वित्तवर्ष 2021 यानी मार्च समाप्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 3,646 करोड़ रुपए था। एक साल पहले यह रेवेन्यू 2,785 करोड़ रुपए था। इसका घाटा वित्तवर्ष 2021 में 415 करोड़ रुपए था जबकि एक साल पहले यह 269 करोड़ रुपए था।डेलहीवरी पेटीएम, नायका और पॉलिसीबाजार की लिस्ट में आ गई है। यह तीनों कंपनियां IPO ला रही हैं। जोमैटो ने सबसे पहले 9 हजार करोड़ रुपए का IPO लाया था और वह पहला स्टार्टअप बन गया है। उसने इसी साल जुलाई में IPO लाया था।
डेलहीवरी का मुख्य मुकाबला ब्लूडार्ट, ईकॉम एक्सप्रेस और अन्य के साथ है। जून 2021 की तिमाही में डेलहीवरी का रेवेन्यू 1,317 करोड़ रुपए था जबकि इसका घाटा 129 करोड़ रुपए था। डेलहीवरी की अन्य सब्सिडियरी कंपनियों को मिला दें तो इसका कुल रेवेन्यू मार्च 2021 के वित्तवर्ष में 4,6644 करोड़ रुपए था। इसका तब घाटा 593 करोड़ रुपए था। इसकी अन्य कंपनियों में स्पोटन लॉजिस्टिक्स है जिसे डेलहीवरी ने इस साल अगस्त में खरीदा था। इसे 30 करोड़ डॉलर में खरीदा गया था।
दूसरी ओर, सफायर फूड्स ने अपना प्राइस बैंड तय कर दिया है। कंपनी 1,120 से 1,180 रुपए पर आईपीओ लाएगी। इसका आईपीओ 9 नवंबर को खुलेगा और 11 को बंद होगा। इसमें कम से कम 12 इक्विटी शेयर्स के लिए बोली लगा सकते हैं। कंपनी इसके जरिए कंपनी 2,073 करोड़ रुपए जुटाएगी। यह कंपनी केएफसी, पिज्जा हट जैसे आउटलेट चलाती है।खबरें और भी हैं…