नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने अधिकारियों को ‘किमजोंगुनिज्म’ की विचारधारा को प्रमोट करने का आदेश दिया है। उसने अपने पिता किम जोंग-इल और दादा किम इल-सुंग की तस्वीरों को भी सरकारी इमारतों से हटा दिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया है।साउथ कोरिया की इंटेलिजेंस एजेंसी के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकारी मीडिया में किम जोंग-उन को ‘महान नेता’ बताया जा रहा है। यह टाइटल किम जोंग-उन के दादा किम इल-सुंग के लिए रिजर्व होता था।
किम जोंग उन को 2011 में सत्ता मिली थी। इसके बाद से जिस तरह के कदम कोरियाई तानाशाह ने उठाए हैं, उससे लगता है कि वह अपने पिता की यादों को संजोकर नहीं रखना चाहता।
खुद को जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया
- उसके कुछ कदमों की बात करें तो किम जोंग उन ने इस साल की शुरुआत में खुद को जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया था, जो पद उसके मृत पिता के लिए रिजर्व था।
- 1990 के दशक में, किम जोंग इल ने नए टाइटल्स अपनाने से पहले अपने पिता के लिए तीन साल का शोक रखा था।
- जबकि किम जोंग उन ने उसके पिता किम जोंग इल की मौत के बाद दो हफ्ते का भी इंतजार नहीं किया।
- दिसंबर 2011 में उसने खुद को सुप्रीम कमांडर नियुक्त कर दिया था।
- 1970 के दशक में, किम के दादा के लिए ‘किमइलसुंगिज़्म’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था।
- 1980 के दशक की शुरुआत में, ‘किमइलसुंगिज्म-किमजोंगिलिज्म’ शब्द आया।
- यह वह समय था जब किम इल सुंग ने अपने बेटे किम जोंग इल को उत्तराधिकारी नियुक्त करने का फैसला लिया था।
- 1994 में किम इल सुंग की मौत के बाद ‘किमजोंगिलिज्म’ शब्द का इस्तेमाल किया जाने लगा।